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Lucknow News: एबीसी का ट्रेनिंग सेंटर तैयार, इसी महीने शुरू होगा पंजीकरण
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शहर में घूमते आवारा कुत्ते।
लखनऊ। राजधानी की तरह अब प्रदेश और देश के अन्य शहरों में भी आवारा कुत्तों की आबादी पर रोक लगाने के लिए नगर निगम अन्य निकायों को प्रशिक्षण देगा। शासन के आदेश पर ढाई करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम का ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार हो गया है। मुंबई की संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनीमल वेलफेयर से एमओयू हो चुका है और नवंबर से यहां प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा।
फिलहाल प्रदेश में सिर्फ लखनऊ में ही एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर है। अब इस नए ट्रेनिंग सेंटर के जरिये प्रदेश भर के नगर निगम और नगर पालिका परिषदों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे भी अपने-अपने यहां एबीसी सेंटर बनाएं और कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम चला सकें। इसके लिए इसी महीने पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, एनीमल वेलफेयर बोर्ड और कोर्ट के आदेशों के तहत न तो कुत्तों को पकड़कर रखा जा सकता है और न ही उन्हें कहीं दूसरी जगह छोड़ा जा सकता है। ऐसे में कुत्तों के काटने की घटनाओं पर रोक लगाने का एकमात्र तरीका नसबंदी है। यही वजह है कि मानकों के अनुरूप अस्पताल, प्रशिक्षित स्टाफ और पकड़ने की तकनीक पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
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इतना लगेगा शुल्क (रुपये में)
पशु चिकित्सक : 1000
पैरामेडिकल स्टाफ : 500
कुत्ता पकड़ने वाला कर्मी : 500
नवंबर में नया एबीसी सेंटर
शहर में इस समय करीब 1.10 लाख कुत्ते हैं। 2019 से अब तक 97 हजार की नसबंदी हो चुकी है, लेकिन संख्या कम होने के बजाय बढ़ी है। इसीलिए नगर निगम एक और एबीसी सेंटर अमौसी क्षेत्र में, कान्हा उपवन के आगे बना रहा है। नवंबर से शुरू होने वाला यह सेंटर रोज 50 कुत्तों की नसबंदी करने और एक साथ 300 कुत्तों को रखने की क्षमता वाला होगा।
फीडिंग सेंटर पर भी ध्यान
शहर में कुत्तों के लिए फीडिंग स्थल आवासीय समितियों और पशु प्रेमियों के सहयोग से तय किए जाएंगे। विवाद होने पर नगर निगम समाधान करेगा। एलडीए और आवास विकास की कालोनियों में भी फीडिंग सेंटर बनाने को पत्र भेजे गए हैं।
Iट्रेनिंग के लिए पंजीकरण इस महीने के अंत तक शुरू कर दिए जाएंगे। नवंबर से ट्रेनिंग का पहला सत्र होगा। देश में अभी तक किसी भी शहर में एबीसी ट्रेनिंग सेंटर नहीं है।I
I- डॉ. अभिनव वर्मा, पशु कल्याण अधिकारीI
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फिलहाल प्रदेश में सिर्फ लखनऊ में ही एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर है। अब इस नए ट्रेनिंग सेंटर के जरिये प्रदेश भर के नगर निगम और नगर पालिका परिषदों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे भी अपने-अपने यहां एबीसी सेंटर बनाएं और कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम चला सकें। इसके लिए इसी महीने पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
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नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, एनीमल वेलफेयर बोर्ड और कोर्ट के आदेशों के तहत न तो कुत्तों को पकड़कर रखा जा सकता है और न ही उन्हें कहीं दूसरी जगह छोड़ा जा सकता है। ऐसे में कुत्तों के काटने की घटनाओं पर रोक लगाने का एकमात्र तरीका नसबंदी है। यही वजह है कि मानकों के अनुरूप अस्पताल, प्रशिक्षित स्टाफ और पकड़ने की तकनीक पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
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इतना लगेगा शुल्क (रुपये में)
पशु चिकित्सक : 1000
पैरामेडिकल स्टाफ : 500
कुत्ता पकड़ने वाला कर्मी : 500
नवंबर में नया एबीसी सेंटर
शहर में इस समय करीब 1.10 लाख कुत्ते हैं। 2019 से अब तक 97 हजार की नसबंदी हो चुकी है, लेकिन संख्या कम होने के बजाय बढ़ी है। इसीलिए नगर निगम एक और एबीसी सेंटर अमौसी क्षेत्र में, कान्हा उपवन के आगे बना रहा है। नवंबर से शुरू होने वाला यह सेंटर रोज 50 कुत्तों की नसबंदी करने और एक साथ 300 कुत्तों को रखने की क्षमता वाला होगा।
फीडिंग सेंटर पर भी ध्यान
शहर में कुत्तों के लिए फीडिंग स्थल आवासीय समितियों और पशु प्रेमियों के सहयोग से तय किए जाएंगे। विवाद होने पर नगर निगम समाधान करेगा। एलडीए और आवास विकास की कालोनियों में भी फीडिंग सेंटर बनाने को पत्र भेजे गए हैं।
Iट्रेनिंग के लिए पंजीकरण इस महीने के अंत तक शुरू कर दिए जाएंगे। नवंबर से ट्रेनिंग का पहला सत्र होगा। देश में अभी तक किसी भी शहर में एबीसी ट्रेनिंग सेंटर नहीं है।I
I- डॉ. अभिनव वर्मा, पशु कल्याण अधिकारीI