आम आदमी पार्टी ने यूपी में बसपा को समर्थन देने का दिया संकेत
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आम आदमी पार्टी (आप) के यूपी प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि हमारी पार्टी यूपी में विधानसभा चुनाव नहीं लडे़गी। हमने फिलहाल पंजाब और गोवा में ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
आप यूपी में चुनावी राजनीति की शुरुआत आगामी नगर निकाय चुनावों से करेगी। हालांकि विस चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में किसी दल को समर्थन देने पर आप नेता ने पत्ता नहीं खोला, लेकिन यह जरूर कहा कि जनता से मिले फीडबैक के आधार पर यह कहा जा सकता है कि कानून-व्यवस्था के मामले में बसपा की सरकार सपा से बेहतर थी। संजय सिंह बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, आप ने इस बार यूपी में होने वाले विस चुनाव में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। संभवत: पहली बार आधिकारिक तौर पर आप के किसी नेता ने चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है।
'सपा की गुंडागर्दी व भाजपा की नफरत वाली राजनीति से ऊबी जनता'
किसी दल को समर्थन देने के सवाल पर उन्होंने कहा, इस मुद्दे पर राष्ट्रीय नेतृत्व ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। अलबत्ता उन्होंने बसपा की तरफ झुकाव के संकेत दिए।
कहा कि जनता सपा की गुंडागर्दी और भाजपा की नफरत वाली राजनीति से ऊब चुकी है। इसलिए जनता बसपा की ओर देख रही है, क्योंकि कानून-व्यवस्था के मामले में प्रदेश की जनता बसपा शासन को सपा से बेहतर मान रही है। हालांकि उन्होंने कहा, वह बसपा को सर्टिफिकेट नहीं दे रहे हैं।
संजय सिंह ने भाजपा पर दंगा व नफरत फैला कर राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा, प्रदेश में मुख्य चुनावी मुकाबला सपा व बसपा के बीच होने के आसार हैं। भाजपा तीसरे नंबर पर रहेगी।
'सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय आरएसएस को देना सेना का अपमान'
उन्होंने दावा किया कि जब चुनाव परिणाम आएंगे तो उनकी बात सही साबित होगी।
उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर रक्षा मंत्री द्वारा आरएसएस को श्रेय देने के बयान की निंदा करते हुए कहा, यह सैनिकों का अपमान है। भाजपा पर आप विधायकों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में 14 विधायकों को फर्जी केस में फंसाया गया है।
मेयर दिनेश शर्मा के कार्यकाल में हुए बड़े घोटाले
लखनऊ में आप के जिला संयोजक गौरव माहेश्वरी ने बताया कि भाजपा के मेयर डॉ. दिनेश शर्मा के कार्यकाल के दौरान लखनऊ नगर निगम में ई-टेंडर में करीब 1000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ।
बड़े पैमाने पर कूड़ा और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी योजनाओं में भी धांधली हुई है। जांच में करीब 5400 करोड़ के घोटाले की पुष्टि भी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट नगर विकास मंत्री के पास पड़ी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।