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Lucknow News: गिरफ्तारी के डर से अवसाद में चल रहे वैन चालक ने दी जान
Thu, 18 Sep 2025 02:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 18 Sep 2025 02:45 AM IST
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भारतलाल गुप्ता की फाइल फोटो।
निगोहां। हरबंशखेड़ा गांव के वैन चालक भारतलाल गुप्ता (52) ने बुधवार को मस्तीपुर गांव के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि पुराने मुकदमे में गिरफ्तारी के डर से वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थे। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि पारिवारिक विवाद से भी वह परेशान थे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
भारतलाल गुप्ता बीते कई वर्षों से वैन चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वर्ष 2005 में उनकी गाड़ी से मोहनलालगंज के गौरा गांव में सड़क हादसा हुआ था। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले का कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। पत्नी गायत्री के अनुसार बीते रविवार को मोहनलालगंज पुलिस कोर्ट से जारी वारंट लेकर भारतलाल को गिरफ्तार करने घर पहुंची थी। वह कपड़े पहनने का बहाना कर पिछले दरवाजे से निकलकर भाग गए थे। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद से ही भारतलाल काफी तनाव में थे।
एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है। अभी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
सुबह निकले, कुछ देर बाद मिली मौत की खबर : बुधवार सुबह करीब सात बजे भारतलाल मुकदमे के संबंध में वकील से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे और कुछ देर बाद सूचना मिली कि उनका शव मस्तीपुर गांव के बाहर स्थित रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। शव मिलने की सूचना पर जीआरपी व निगोहां पुलिस मौके पर पहुंची थी। भारतलाल अपने पीछे पत्नी गायत्री के अलावा तीन बेटे ऋषभ, आयुष, आदित्य और एक बेटी सपना को छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा ऋषभ निजी कंपनी में नौकरी करता है। मंझला बेटा आयुष ऑटो चलाता है।
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भारतलाल गुप्ता बीते कई वर्षों से वैन चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वर्ष 2005 में उनकी गाड़ी से मोहनलालगंज के गौरा गांव में सड़क हादसा हुआ था। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले का कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। पत्नी गायत्री के अनुसार बीते रविवार को मोहनलालगंज पुलिस कोर्ट से जारी वारंट लेकर भारतलाल को गिरफ्तार करने घर पहुंची थी। वह कपड़े पहनने का बहाना कर पिछले दरवाजे से निकलकर भाग गए थे। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद से ही भारतलाल काफी तनाव में थे।
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एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है। अभी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
सुबह निकले, कुछ देर बाद मिली मौत की खबर : बुधवार सुबह करीब सात बजे भारतलाल मुकदमे के संबंध में वकील से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे और कुछ देर बाद सूचना मिली कि उनका शव मस्तीपुर गांव के बाहर स्थित रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। शव मिलने की सूचना पर जीआरपी व निगोहां पुलिस मौके पर पहुंची थी। भारतलाल अपने पीछे पत्नी गायत्री के अलावा तीन बेटे ऋषभ, आयुष, आदित्य और एक बेटी सपना को छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा ऋषभ निजी कंपनी में नौकरी करता है। मंझला बेटा आयुष ऑटो चलाता है।
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