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Lucknow News: पेट से नौ माह की गर्भावस्था के बराबर ट्यूमर निकाला
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ट्यूमर निकालने वाली डॉक्टरों की टीम।
लखनऊ। एसजीपीजीआई के स्त्री रोग विभाग के डॉक्टरों ने युवती के पेट से करीब नौ माह के गर्भ जितना बड़ा ट्यूमर निकालने में सफलता पाई है। उसकी प्रजनन क्षमता को भी बचा लिया गया है। इस ट्यूमर के अंदर करीब 7.5 लीटर तरल पदार्थ भरा हुआ था। ट्यूमर मूत्राशय और आंतों पर दबाव डाल रहा था। इससे युवती को चलने-फिरने और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि सिंह, डॉ. अंजू रानी, डॉ. मोनिका और डॉ. शिखा को ऑपरेशन के दौरान युवती के दाहिने अंडाशय में सिस्ट मिली। जांच से ट्यूमर के सामान्य होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने गर्भाशय और दाहिने अंडाशय को सुरक्षित रखा, जिससे युवती भविष्य में मां बन सकती है।
डॉ. निधि सिंह ने बताया कि युवती को कई महीनों से पेट फूलने, पेट में भारीपन होने तथा सांस लेने में दिक्कत थी। जांच में उसके बाएं अंडाशय में बड़ा ट्यूमर मिला, जो कैंसरयुक्त नहीं था। डॉक्टरों ने दाहिने अंडाशय और गर्भाशय को सुरक्षित रखते हुए केवल ट्यूमर को निकाल पाने में सफलता पाई। उसे बेहोशी देने में एनीस्थीसिया की डॉ. निधि और पैथोलॉजी जांच में डॉ. ऋतु वर्मा व डॉ. राम नवल राव का योगदान रहा। नर्सिंग टीम में दिव्या, सोनाली, वंदना एवं बीरभान वर्मा शामिल रहे।
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समय पर जांच और उपचार जरूरी
डॉ. निधि सिंह ने बताया कि अंडाशय के ट्यूमर कई बार शुरुआती अवस्था में स्पष्ट लक्षण नहीं देते और धीरे-धीरे काफी बड़े हो सकते हैं। लगातार पेट फूलना, पेट में असामान्य भारीपन, जल्दी पेट भरना, पेशाब या मल त्याग में परेशानी तथा सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में समय पर जांच और उपचार जरूरी है।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि सिंह, डॉ. अंजू रानी, डॉ. मोनिका और डॉ. शिखा को ऑपरेशन के दौरान युवती के दाहिने अंडाशय में सिस्ट मिली। जांच से ट्यूमर के सामान्य होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने गर्भाशय और दाहिने अंडाशय को सुरक्षित रखा, जिससे युवती भविष्य में मां बन सकती है।
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डॉ. निधि सिंह ने बताया कि युवती को कई महीनों से पेट फूलने, पेट में भारीपन होने तथा सांस लेने में दिक्कत थी। जांच में उसके बाएं अंडाशय में बड़ा ट्यूमर मिला, जो कैंसरयुक्त नहीं था। डॉक्टरों ने दाहिने अंडाशय और गर्भाशय को सुरक्षित रखते हुए केवल ट्यूमर को निकाल पाने में सफलता पाई। उसे बेहोशी देने में एनीस्थीसिया की डॉ. निधि और पैथोलॉजी जांच में डॉ. ऋतु वर्मा व डॉ. राम नवल राव का योगदान रहा। नर्सिंग टीम में दिव्या, सोनाली, वंदना एवं बीरभान वर्मा शामिल रहे।
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समय पर जांच और उपचार जरूरी
डॉ. निधि सिंह ने बताया कि अंडाशय के ट्यूमर कई बार शुरुआती अवस्था में स्पष्ट लक्षण नहीं देते और धीरे-धीरे काफी बड़े हो सकते हैं। लगातार पेट फूलना, पेट में असामान्य भारीपन, जल्दी पेट भरना, पेशाब या मल त्याग में परेशानी तथा सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में समय पर जांच और उपचार जरूरी है।