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Lucknow News: दूरबीन से ऑपरेशन कर निष्क्रिय फेफड़े में फूंकी जान
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लखनऊ। पीजीआई के डॉक्टरों ने सड़क हादसे में घायल मरीज के निष्क्रिय पड़े फेफड़े का दूरबीन से ऑपरेशन कर उसे फिर सक्रिय कर दिया। ऑपरेशन के दौरान सीने से 1.2 लीटर मवाद निकालने के साथ फेफड़े को जकड़ने वाली मोटी परत हटाई गई। इससे फेफड़े को दोबारा फैलने का रास्ता मिला। इलाज के बाद सांस लेने में सुधार होने पर मरीज को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. अमित कुमार सिंह के मुताबिक, सोनभद्र निवासी मेडिकल स्टोर संचालक मेवालाल (50) आठ अप्रैल की रात बाइक और कार की टक्कर में घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में इलाज के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई रेफर किया गया। जांच में सीने में बड़ी मात्रा में मवाद और फेफड़े पर मोटी परत जमी मिली। मरीज मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से भी पीड़ित था। पहले स्टेंट भी पड़ चुका था।
डॉक्टरों ने वीडियो असिस्टेड थोरैसिक सर्जरी (वैट्स) तकनीक से बिना बड़ा चीरा लगाए कैमरे की मदद से मवाद निकाला और फेफड़े को जकड़ने वाली परत हटाई। ऑपरेशन के दौरान मरीज एक ही फेफड़े से सांस ले रहा था। दो दिन में उसकी सांस लेने की स्थिति में सुधार हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने ऑपरेशन टीम को बधाई दी।
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ऑपरेशन में इनका रहा सहयोग
ऑपरेशन में मुख्य ट्रामा सर्जन डॉ. अमित कुमार सिंह, एसआर डॉ.आदित्य सिंह व डॉ.वरुण गुप्ता, एनेस्थीसिया विभाग डॉ.गणपत, डॉ.रफात शमीम, डॉ.आकांक्षा, डॉ. रिया के अलावा स्वास्थ्य कर्मी राहुल, इरिन, अमित यादव, गौरव व देवांशी का सहयोग रहा।
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डॉ. अमित कुमार सिंह के मुताबिक, सोनभद्र निवासी मेडिकल स्टोर संचालक मेवालाल (50) आठ अप्रैल की रात बाइक और कार की टक्कर में घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में इलाज के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई रेफर किया गया। जांच में सीने में बड़ी मात्रा में मवाद और फेफड़े पर मोटी परत जमी मिली। मरीज मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से भी पीड़ित था। पहले स्टेंट भी पड़ चुका था।
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डॉक्टरों ने वीडियो असिस्टेड थोरैसिक सर्जरी (वैट्स) तकनीक से बिना बड़ा चीरा लगाए कैमरे की मदद से मवाद निकाला और फेफड़े को जकड़ने वाली परत हटाई। ऑपरेशन के दौरान मरीज एक ही फेफड़े से सांस ले रहा था। दो दिन में उसकी सांस लेने की स्थिति में सुधार हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने ऑपरेशन टीम को बधाई दी।
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ऑपरेशन में इनका रहा सहयोग
ऑपरेशन में मुख्य ट्रामा सर्जन डॉ. अमित कुमार सिंह, एसआर डॉ.आदित्य सिंह व डॉ.वरुण गुप्ता, एनेस्थीसिया विभाग डॉ.गणपत, डॉ.रफात शमीम, डॉ.आकांक्षा, डॉ. रिया के अलावा स्वास्थ्य कर्मी राहुल, इरिन, अमित यादव, गौरव व देवांशी का सहयोग रहा।