‘शादीशुदा बिटिया के बाप हो, प्लीज मुझे छोड़ दो’
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‘शादीशुदा बिटिया के बाप हो, प्लीज! मुझे छोड़ दो।’ अंधेरे और सुनसान स्थान पर जब सिक्योरिटी गार्ड राम सेवक ने महिला के कपड़े फाड़ने शुरू किए तो वह हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा उठी। बेटी का बाप होने की दुहाई दी।
लेकिन वहशी पर कोई असर नहीं पड़ा। पुलिस अफसरों का कहना है कि वारदात कुबूल करने के बाद राम सेवक आत्मग्लानि से भर उठा है। उसने पुलिस अफसरों से अपनी जान देने की बात कही है।
पुलिस के मुताबिक मोहनलालगंज गैंगरेप और हत्याकांड की शुरुआत बुधवार रात साढ़े दस बजे हुई थी और मात्र दो घंटे में कहानी खत्म हो गई।
आरोपी ने भी किये खुलासे
पुलिस के मुताबिक महिला ने घर पर आखिरी कॉल 10 बजकर 22 मिनट पर रिसीव की। उसने कहा कि वह नहाकर आ रही है। कुछ देर बाद महिला घर से निकली और टैंपो से मोहनलालगंज की तरफ चल दी।
रास्ते में उसने कुछ सेकेंड की एक कॉल कथित राजीव को की। मोहनलालगंज पहुंचकर उसने आखिरी कॉल की और 11.15 बजे उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
पुलिस का दावा है कि इसके बाद की कहानी राम सेवक ने बताई। उसने कहा कि बाइक पर महिला को बैठाकर प्राथमिक विद्यालय ले गया।
यहां हेलमेट उतारते ही रामसेवक को देख भड़क उठी। शिकायत की धमकी देते हुए उसने भागना चाहा तो राम सेवक ने पकड़ लिया और सिर पर हेलमेट मार दिया। इसके बाद विद्यालय में खींच ले गया। पिटने के साथ कपड़े फाड़ दिए।
की रेप की कोशिश
महिला ने उसकी शादीशुदा बेटी की दुहाई दी। हाथ जोड़े। गिड़गिड़ाई। लेकिन राम सेवक नहीं पसीजा। सीमेंट की बेंच पर रेप की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुआ।
इसके बाद राम सेवक ने उसके साथ हैवानियत की। महिला ने भी राम सेवक से जूझने की कोशिश की। इस कोशिश में उसने राम सेवक के शरीर को कई जगह नाखून से नोंचा।
एडीजी के मुताबिक राम सेवक का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें नौ चोटों की पुष्टि हुई है। अफसरों का कहना है कि महिला को लहूलुहान करने के बाद वह मौके पर ही मौजूद रहा।
दर्द से तड़पती महिला ने पानी मांगा तो राम सेवक ने हैंडपंप की तरफ इशारा करते हुए वहां जाने को कहा। महिला किसी तरह घिसटती हुई वहां पहुंची। इस बीच राम सेवक विद्यालय से भाग गया।
रक्तस्राव के कारण ह़ुई मौत
महिला हैंडपंप से घिसटती हुई भूकंपरोधी भवन आई और चबूतरे पर बैठ गई। इस दौरान उसके शरीर से निकला खून पूरे चबूतरे पर फैल गया। अत्यधिक रक्तस्त्राव से निढाल होकर महिला वहीं गिर पड़ी।
शनिवार देर रात डीआईजी और एसएसपी सहित अन्य अफसर राम सेवक को लेकर घटनास्थल गए और क्राइम सीन का रिकंस्ट्रक्शन कराया।
अफसरों का कहना है कि राम सेवक को अपने किए पर आत्मग्लानि है। उसने कहा कि वह गांव नहीं जाएगा। घर वापस जाने का मुंह नहीं रहा इसलिए जान दे देगा।