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Ayodhya : हनुमानगढ़ी के नागा साधु की गला रेतकर हत्या, एक शिष्य फरार, दूसरा हिरासत में, बंद मिला सीसीटीवी
Thu, 19 Oct 2023 07:15 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 19 Oct 2023 07:15 PM IST
सार
अयोध्या में सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर स्थित आश्रम में बसंतिया पट्टी के नागा साधु रामसहारे दास की हत्या कर दी गई। उनके गले, सीने व पीठ पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। आशंका जताई जा रही है कि पहले किसी पतले तार से उनका गला कसा गया, फिर चाकू से वार किए गए।
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घटनास्थल पर जांच के लिए मौजूद पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर स्थित आश्रम में बसंतिया पट्टी के नागा साधु रामसहारे दास (44) की हत्या कर दी गई। कमरे में उनका रक्त रंजित शव मिला। उनके गले, सीने व पीठ पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। आशंका जताई जा रही है कि पहले किसी पतले तार से उनका गला कसा गया, फिर चाकू से वार किए गए। एसएसपी राजकरण नायर मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सुबूत जुटाए। थाना रामजन्मभूमि पुलिस ने बसंतिया पट्टी के महंत रामचरण दास की तहरीर पर अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया है।
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रामसहारे दास संत दुर्बल दास के शिष्य थे। आश्रम के सबसे अंदर तीसरे कमरे में रहते थे। उनके साथ दो शिष्य भी रहते थे। वह रोजाना सुबह उठकर पूजा पाठ में लग जाते थे। गुरुवार सुबह वह नहीं उठे तो मंदिर में रहने वाले एक शिष्य ने आसपास के अन्य नागा साधुओं को बुलाया। सभी ने देखा कि उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद है। कमरा खोला गया तो वह जमीन पर खून से लथपथ मृत पड़े थे। इसकी सूचना मंदिर के वरिष्ठ संतों-महंतों व पुलिस को दी गई। एसपी सिटी मधुबन सिंह, सीओ अयोध्या एसपी गौतम, सीओ बीकापुर डॉ. राजेश तिवारी मौके पर पहुंचे। पता चला कि घटना के बाद से आश्रम में रह रहा शाहजहांपुर निवासी ऋषभ शुक्ला नामक शिष्य मौके से फरार है। इसके बाद पुलिस ने दूसरे शिष्य गोविंद दास को हिरासत में लिया। फरार ऋषभ शुक्ला को साधु ने 15 दिन पहले ही अपने साथ रखा था। वह खाना बनाता था।
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घटना के पीछे लूट की आशंका
मंदिर व अगल-बगल रहने वाले नागा साधुओं का कहना है कि रामसहारे दास हनुमानगढ़ी मंदिर में सहायक पुजारी थे। उनका कार्यकाल अभी कुछ ही दिन पूर्व समाप्त हुआ था। वहीं कुछ लोग मृतक साधु की अंबेडकर नगर के भीटी इलाके में स्थित एक जमीन के विवाद को भी हत्या से जोड़कर देख रहे हैं।
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सीसीटीवी बंद करने वाला उसी में कैद
आश्रम में सभी कमरों व हाल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन वे बंद मिले। पुलिस को कुछ ऐसे फुटेज मिले हैं, जिसमें जिसने सीसीटीवी बंद किया, वह कैद हो गया है। पुलिस ने फुटेज व हार्ड डिस्क को कब्जे में ले लिया है।
घटना के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं।हत्या का कारण क्या है और किसने की? इसकी जांच की जा रही है। - राजकरण नायर, एसएसपी
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मिलनसार थे, नहीं थी किसी से दुश्मनी
आश्रम के आसपास रहने वाले नागा साधुओं व व्यापारियों का कहना है कि रामसहारे दास बेहद मिलनसार थे। वह जब भी गुजरते थे, लोगों का हाल-चाल लिया करते थे। सभी की मदद भी करते थे। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
50 मीटर पर तैनात थी पुलिस, हो गई हत्या
हनुमानगढ़ी रामनगरी का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए आते हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। जिस आश्रम में हत्या हुई, उसके मुख्य गेट पर भी सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी थी। उन्हें भी घटना की भनक नहीं लग सकी। आश्रम के बाहर लगे सीसीटीवी में भी किसी भी संदिग्ध या बाहरी व्यक्ति को आश्रम में आते-जाते नहीं देखा गया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि हत्या आश्रम के अंदर रहने वाले लोगों ने ही की है।
सामने वाले आश्रम में छात्र ने की थी आत्महत्या
एक माह के अंदर हनुमानगढ़ी परिसर में यह दूसरी वारदात है। इससे पूर्व इसी आश्रम के सामने स्थित दूसरे आश्रम में संस्कृत के एक छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी मौत का कारण भी पता नहीं चला।