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Gonda News: पूरी रात खून लिए बैठे रहे तीमारदार, गर्भवती महिला को नहीं चढ़ाया, सुबह मौत
Wed, 10 Jan 2024 04:19 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 10 Jan 2024 04:19 PM IST
सार
गोंडा जिला अस्पताल में महिला को रात भर खून नहीं चढ़ाया गया। सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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परिजनों ने किया हंगामा।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गोंडा जिला महिला अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गर्भवती व गर्भस्थ शिशु की मौत होने पर परिजनों ने डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। कोतवाली नगर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग। वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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बुधवार को मोकलपुर निवासी प्रवीण कुमार ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी मीरा (27) गर्भवती थी। प्रसव के लिए मंगलवार दोपहर को जिला महिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ने मरीज को भर्ती कर खून की डिमांड की। शाम छह बजे तक खून उपलब्ध करा दिया गया। पूरी रात परिजन खून लिए डॉक्टरों से चढ़ाने की मनुहार करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह करीब छह बजे प्रसूता की मौत हो गई।
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रेफर करने के बावजूद हायर सेंटर नहीं ले गए परिजन
महिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ राम कुंवर ने बताया कि सातवें महीने की गर्भवती को गंभीर स्थिति में महिला अस्पताल लाया गया था। पेट में गर्भस्थ शिशु की पहले ही मौत हो चुकी थी। गर्भवती का हीमोग्लोबिन 3.5 व प्लेटलेट्स 68,000 था। भर्ती करने के बाद मरीज की गंभीरता को देखते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज ले जाने में असमर्थता जताई।
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह का कहना है कि गर्भवती की मौत का मामला संज्ञान में आया है, आज मैं छुट्टी पर हूं। पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।