सिपाही ने सपा नेता को जमकर धुना, तानी रायफल
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रायबरेली के सदर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार की रात अवैध खनन का विरोध करना सपाइयों को महंगा पड़ गया। एक सिपाही ने समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष की न सिर्फ पिटाई कर दी, बल्कि जान से मारने की नियत से सरकारी रायफल भी तान दी। लोगों का दबाव बढ़ा तो सिपाही जान बचाने के लिए एक घर में घुस गया।
सिपाही पर कार्रवाई की मांग को लेकर मौके पर पहुंचे सपाई सीओ सदर की गाड़ी के सामने लेट गए। अधिकारी सिपाही को ही बचाने में जुटे रहे। एक घंटे तक सम्राट नगर के पास अफरातफरी का माहौल रहा। गुरुवार को सपाइयों ने पुलिस दफ्तर में प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपा।
समाजवादी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों की ओर से सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सिविल लाइंस में अवैध मिट्टी खनन का विरोध किया गया। सम्राट नगर के पास एक हलका सिपाही ने जिलाध्यक्ष मो. साकिर की पिटाई कर दी।
यही नहीं कनपटी पर रायफल तान दी। पदाधिकारियों के मुताबिक, सिपाही नशे की हालत में था। सूचना पर आसपास के लोग और पार्टी के अन्य पदाधिकारी पहुंचे तो सिपाही एक व्यक्ति के घर में घुस गया। इसकी जानकारी मिलते ही सीओ सदर सत्यपाल सिंह, कोतवाल ओपी यादव मौके पर पहुंचे।
सीओ की गाड़ी के सामने लेट गए सपाई
घटना से गुस्साए सपाई सीओ की गाड़ी के सामने लेट गए। किसी तरह उन्हें कार्रवाई का हवाला देकर शांत कराया गया। सिपाही को घर से बाहर निकाला गया और कोतवाली ले जाया गया।
गुरुवार को जिलाध्यक्ष की अगुवाई में शशांक सिंह राठौर, मनीष मिश्रा, आशीष गुप्ता, आलोक पांडेय, अखिलेश माही, राहुल निर्मल आदि ने एसपी को ज्ञापन सौंपा।
सिपाही पर कार्रवाई और अवैध खनन बंद कराने की मांग की। एसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि एएसपी को मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि सपाइयों और सिपाही आशुतोष के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। यदि खनन की बात सामने आई तो इसमें शामिल सिपाही या फिर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अफसरों के शह पर चल रहा खनन का खेल
सिविल लाइंस ही नहीं, शहर के राजघाट, रतापुर के पास पुलिस अधिकारियों की शह पर अवैध खनन चल रहा है। अफसर जानकर भी अंजान बने हैं। यही वजह है कि खनन माफियाओं पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। सपाइयों की ओर से जब अवैध खनन का विरोध किया गया तो पुलिस अफसर सिपाही को ही बचाने में जुटे रहे। इस खेल में सिपाही नहीं, बल्कि अधिकारी तक शामिल हैं।