फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   A man tried to self immolate in front of UP Vidhan Bhawan in Lucknow.

UP: टेंट मालिक ने सात लाख हड़पे, पुलिस ने नहीं की सुनवाई तो विधानभवन के सामने किया आत्मदाह, 50 फीसदी झुलसा

Tue, 08 Oct 2024 12:03 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 08 Oct 2024 12:03 AM IST
सार

लखनऊ के विधानभवन के गेट नंबर नौ के पास एक युवक ने आत्मदाह कर लिया। सिविल अस्पताल में भर्ती युवक की हालत नाजुक है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

विज्ञापन
A man tried to self immolate in front of UP Vidhan Bhawan in Lucknow.
आत्मदाह में 50 फीसदी झुलस गया युवक। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी विधानभवन के गेट नंबर नौ के पास सोमवार शाम एक युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। आनन-फानन पुलिसकमियों ने किसी तरह आग बुझाकर उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। युवक की हालत गंभीर है।

विज्ञापन


पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि टेंट हाउस मालिक पर युवक के सात लाख रुपये बकाये थे। रकम न देने से वह परेशान था। आलमबाग पुलिस ने शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं की, इसलिए युवक ने आत्मघाती कदम उठाया। मामले में आलमबाग पुलिस के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। टेंट हाउस मालिक को हिरासत में लिया गया है।
विज्ञापन


सआदतगंज के झब्बारन टोला निवासी 40 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा आलमबाग में बंगाली टेंट हाउस में काम करते थे। इसके मालिक रंजीत चक्रवर्ती उन्हें सजावट व बिजली का ठेका देते थे। मुन्ना के भांजे मनोज ने बताया कि मामा ने टेंट हाउस में वर्ष 2017 से 2019 के बीच काम किया। इस दौरान उनका करीब सात लाख रुपये बकाया था, जो रंजीत लगातार मांगने पर भी नहीं दे रहा था। मुन्ना ने आलमबाग थाने और मवैया चौकी पर भी कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार शाम करीब चार बजे वह विधान भवन के गेट नंबर नौ के पास पहुंचे। उनके पास मौजूद पॉलीथीन में कुछ दस्तावेज थे। अचानक मुन्ना ने खुद को आग लगा ली। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें सिविल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों का कहना है कि मुन्ना का करीब 50 फीसदी शरीर झुलसा है।

पहले से पेट्रोल डालकर पहुंचा था
पुलिस के मुताबिक मुन्ना पहले से खुद पर पेट्रोल डालकर विधानभवन के सामने पहुंचे थे। इससे वहां तैनात पुलिसकर्मियों को जरा भी आभास नहीं हो सका कि वह ऐसा कुछ करेंगे। मुन्ना ने अचानक माचिस जलाकर खुद को आग लगा ली। उन्होंने पेट्रोल कहां से खरीदा, कहां इसे खुद पर उड़ेला, इसकी तस्दीक करने में पुलिस जुटी है। किसी को भी खुला पेट्रोल देने की अनुमति नहीं है। इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच की जा रही है। हालांकि, यह भी आशंका है कि मुन्ना ने किसी बाइक आदि से पेट्राल निकाला हो।

पत्नी के मायके जाने पर आत्मदाह करने की ठानी
बकाया रकम न मिलने पर मुन्ना के लिए परिवार को पालना मुश्किल हुआ। तब उन्होंने ई रिक्शा चलाना शुरू किया, लेकिन फिर भी खर्च नहीं चल पा रहा था। तीन दिन पहले उनकी पत्नी रेनू दोनों बच्चों के साथ बाराबंकी के रामनगर स्थित मायके चली गई। तब से मुन्ना काफी तनाव में थे। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान मुन्ना ने आत्मदाह करने की ठानी थी। मध्य जोन की पुलिस उपायुक्त रवीना त्यागी का कहना है कि टेंट हाउस मालिक को हिरासत में लेकर तफ्तीश की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन शशांक सिंह का कहना है कि मामले में आलमबाग पुलिस की भूमिका की जांच कराई जा रही है। मामला सालों पुराना है, इसलिए पता किया जा रहा है कि पीड़ित ने कोई तहरीर दी गई या नहीं।

आर्थिक तंगी का कर रहा था सामना
मुन्ना विश्वकर्मा के आत्मदाह करने की कोशिश के मामले की तफ्तीश में कई तथ्य उजागर हुए हैं। वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। बिल न जमा होने से सप्ताहभर पहले उनके घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। बच्चों की फीस भी नहीं भर पा रहे थे। वहीं आलमबाग पुलिस टेंट हाउस मालिक की कारखास बनकर उल्टा उन्हीं पर दबाव बना रही थी। इसलिए उन्होंने त्रस्त होकर आत्मघाती कदम उठाया।

परिजनों के मुताबिक ई-रिक्शा चालक मुन्ना परिवार का खर्च उठाते थे। लेकिन, उससे खर्च पूरा नहीं हो पा रहा था। वह लगातार टेंट हाउस मालिक रंजीत चक्रवर्ती से सात लाख रुपये वापस मांग रहे थे। वह उनको भगा देता था। इसलिए वह पुलिस से मदद मांग रहे थे। वह चाहते थे कि पूरी नहीं कुछ रकम मिल जाए, जिससे उनकी माली हालत सुधर सके। लेकिन, पुलिस ने साथ नहीं दिया। बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं जमा कर पा रहे थे। एक अक्तूबर को बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिल बकाया होने पर कनेक्शन भी काट दिया था। तब वह और तनावग्रस्त हो गए थे। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद मुन्ना ऐसा कदम न उठाते।

आरोप : टेंट मालिक से थी पुलिस की सांठगांठ

पीड़ित परिजनों के मुताबिक 10 सितंबर और एक अक्तूबर को मुन्ना पुलिस के पास गए थे। इससे पहले भी कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि आलमबाग पुलिस की टेंट हाउस मालिक से सांठगांठ थी। इसलिए वह कार्रवाई नहीं कर रही थी। मुन्ना को ही जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी।

चार साल से चक्कर लगाते-लगाते थक गया
झुलसने के बाद मुन्ना जब अस्पताल पहुंचाए जा रहे थे तब वह चीखते चिल्लाते हुए बोल भी रहे थे। वह कह रहे थे कि पुलिस ने कोई मदद नहीं की। चार साल से चक्कर लगाते लगाते थक गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिसकर्मियों की सजगता से जल्द बुझी आग
विधानभवन और कालिदास मार्ग के पास कई लोग आत्मदाह की कोशिश कर चुके हैं। दो महीने पहले तो एक महिला की मौत भी हो गई थी। कई लोगों को पुलिसकर्मियों ने बचाया भी है। वहां पर पुलिस की एक टीम इसलिए तैनात भी की गई है। चूंकि मुन्ना पहले से ही पेट्रोल डालकर वहां पर पहुंचे थे इसलिए पुलिसकर्मियों को भनक नहीं लग सकी। लेकिन, जैसे ही उनको जलता देखा तो कंबल डालकर आग बुुझाई। आग बुझाने वाले पुलिसकर्मियों में सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, हरीश मिश्रा, संध्या, रेशमा, प्रियंका शामिल रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed