दुर्घटना में युवक की मौत, पुलिसकर्मी पिटे
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गंगाघाट थानांतर्गत बैराज मार्ग के लक्ष्मी खेड़ा गांव के पास शनिवार को सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। तोड़फोड़ और पथराव किया। इसमें तीन पुलिसकर्मी समेत आठ लोग घायल हो गए।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज किया। करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
थाना क्षेत्र के जाजमऊ चौकी अंतर्गत झब्बूपुरवा निवासी अनिल (22), धर्मेंद्र (21) व विजय (20) निवासी झब्बूपुरवा से बैराज मार्ग होकर कानपुर की ओर जा रहे थे। शनिवार दोपहर कानपुर की ओर से आ रही कार संख्या- यूपी 70 क्यू 7121 से बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई।
बाइक के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही विजय ने दम तोड़ दिया जबकि दोनों साथी घायल हो गए। वहीं कार में सवार उन्नाव कल्याणी निवासी विनय तिवारी इनकी पत्नी शालू व बहन प्रीती भी घायल हो गए।
सूचना पर बैराज चौकी इंचार्ज केपी सिंह अपने दो सिपाही रामनरेश सिंह व योगेंद्र पटेल के साथ पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने घायलों को उपचार कराने में देरी की जिसके चलते वह आक्रोशित हुए।
पुलिस ने पहुंचते ही कर दी हवाई फायरिंग
आक्रोशित लोगों ने दरोगा और दोनों सिपाहियों को पीट दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने बैराज मार्ग पर जाम लगाकर पथराव शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक बवाल होने के बाद गंगाघाट थानाध्यक्ष प्रदीप यादव मय फोर्स घटना स्थल पर पहुंचे।
भीड़ उनकी ओर दौड़ी तो एसओ ने हवाई फायरिंग कर दी जिसके बाद ग्रामीण पीछे हटे। थोड़ी देर में ही भीड़ फिर हमलावर हो गई। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। मौके पर थाना अचलगंज, कोतवाली और क्यूआरटी का फोर्स भी आ गया था।
करीब एक घंटे बाद स्थिति काबू में आई। इसमें करीब आधा दर्जन ग्रामीणों को चोटें आई हैं। करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव, सीओ कोतवाली गोपीनाथ सोनी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
मामले पर उन्नाव के अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव का कहना है कि हादसे के बाद उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया है। फायरिंग का मामला जांच का विषय है। इसके बारे में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। तनाव को देखते हुए झब्बू पुरवा गांव में पुलिस की तैनाती करा दी गई है।