फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   A man commits suicide because his brothers tortured him in Lucknow.

फांसी के फंदे से लटकता देखकर भी नहीं पसीजा भाई का दिल, बोला- दो मिनट और लटकने दो

Sun, 08 Nov 2020 04:28 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 08 Nov 2020 04:28 PM IST
विज्ञापन
A man commits suicide because his brothers tortured him in Lucknow.

राजधानी लखनऊ के हजरतगंज के नरही निवासी कोयला कारोबारी परवेज अहमद ने सगे भाइयों की प्रताड़ना और पुलिस की दहशत के चलते फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परवेज कई दिन से भाइयों की शिकायत लेकर पुलिस के चक्कर काट रहा था।

विज्ञापन


शुक्रवार को भी उसने कोतवाली जाकर प्रार्थनापत्र दिया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस बीच उसके भाई लगातार गाली-गलौज व मारपीट करते रहे। कहीं से मदद न मिलने पर परवेज शनिवार सुबह फंदे से लटक गया। परवेज की मौत के बाद शनिवार को पुलिस ने पत्नी महजबी की तरफ से उसके भाइयों व परिजनों पर खुदकुशी के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन


परवेज का बड़ा भाई उवैश अहमद गोमतीनगर के उजरियांव में रहता है जबकि छोटा भाई गौस मोइनुद्दीन उर्फ बॉबी नरही के रामतीर्थ मार्ग स्थित घर के भूतल पर रहता है। पत्नी महजबी फातिमा ने बताया कि पति नरही में ही कोयले की दुकान करते हैं। कुछ साल पहले पिता ने संपत्ति को बेचकर उसे नकद रुपये भी दिए थे। उक्त रकम में से परवेज ने अपने चचिया ससुर को आठ लाख रुपये कपड़े की दुकान में लगाने को दिए थे जबकि सात लाख रुपये अपने साले के अकाउंट में जमा कराए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब 15 लाख रुपये परवेज के हजरतगंज की इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा में जमा थे। उवैश और बॉबी उस पर दुकान और रुपये देने का दबाव बना रहे थे। इस बात को लेकर कई बार उसके घर आकर उपरोक्त लोग गाली-गलौज, मारपीट व जानमाल की धमकी दे चुके थे। परवेज के करीबी अलीम ने बताया कि वह शिकायत लेकर नरही चौकी जाता तो सुनवाई नहीं होती।

तीन दिन से लगातार घर आकर कर रहे थे गाली-गलौज व मारपीट

परवेज के साले शकील का कहना है कि बीते तीन दिन से लगातार उवैश और बॉबी उसके घर आकर गाली-गलौज व मारपीट कर रहे थे। पीड़ित शिकायत लेकर चौकी जाता तो उसे भगा दिया जाता। शुक्रवार को परवेज ने हजरतगंज कोतवाली जाकर भाइयों के खिलाफ तहरीर दी थी।

यह जानकारी उवैश और बॉबी को मिली तो उन्होंने न सिर्फ उसे धमकाया बल्कि रही चौकी बुलवाकर गाली-गलौज भी की। चौकी के पुलिसकर्मियों से कहकर उसे वहां बैठा दिया गया। शकील और अलीम हजरतगंज कोतवाली स्थित एसीपी राघवेंद्र कुमार मिश्रा के कार्यालय पहुंचे और उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी दी। वहां से मदद न मिलने पर शकील और अलीम ने डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा से संपर्क किया। डीसीपी ने दोनों को शनिवार सुबह बुलाया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे परवेज ने फांसी लगा ली।

उलझन और डर के चलते रातभर नहीं सोया परवेज
महजबी का कहना है कि भाइयों की प्रताड़ना और पुलिस की दहशत से पति रातभर बेचैन रहे। वह हर वक्त यही बड़बड़ाते रहे कि मेरे भाई सुबह मुझे मार डालेंगे। महजबी ने उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे वह कमरे से बाहर जाने लगा तो महजबी ने पूछा। उसने कहा कि वह टॉयलेट जा रहा है। करीब आधे घंटे तक वह नहीं लौटा तो महजबी नीचे आईं। बॉबी के कमरे के बाहर दालान में परवेज फंदे से लटक रहा था।

पति को बचाने के लिए चीखी तो...

पति को फंदे से लटका देख महजबी के होश उड़ गए। वह पति की जान बचाने के लिए चीखने-रोने लगी। इस पर बॉबी अपने कमरे से बाहर निकल आया। अपने भाई को फंदे से झूलता देख भी उसका दिल नहीं पसीजा। बोला, दो मिनट और लटकने दो। महजबी ने पति के पैर पकड़ लिए और मदद के लिए गुहार लगाने लगी। आसपास के लोगों ने उसका शोर सुना तो वह मौके पर आए। फंदा काटकर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल जाते वक्त रिक्शा से खींचकर पीटा
महजबी का आरोप है कि उसके पति की मौत के बाद भी जेठ उवैश और देवर बॉबी के अलावा उवैश की पत्नी मुमताज, बेटे गुलजार तथा मोहसिन व आमिर ने उसे नहीं बख्शा और सरेराह मारपीट की। उसने बताया कि पति का शव सिविल अस्पताल में पड़ा था। वह रिक्शा से अस्पताल जा रही थी तभी रास्ते में उपरोक्त सभी लोग मिल गए और गालियां देते हुए रिक्शा से खींचकर पीटना शुरू कर दिया। उस वक्त पुलिस मौके पर मौजूद थी लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा।

पुलिस आरोपियों के साथ थी, पीड़ित को डांट रही थी

शकील का कहना है कि हजरतगंज पुलिस शुरू से ही आरोपियों के साथ खड़ी थी। मुहल्ले का हर व्यक्ति परवेज के पक्ष में था। सभी उसके भाइयों की दादागिरी और दबंगई के विरोध में थे। सिर्फ पुलिस ही आरोपियों की पैरोकारी कर रही थी।

परवेज जब भी शिकायत करने गया, पुलिस ने उसे डांट-फटकार कर भगा दिया। शुक्रवार को भी एसीपी हजरतगंज के सामने नरही चौकी की पुलिस ने परवेज को डांटा-फटकारा। देर शाम भी पुलिस उसे बार-बार फोन करके नरही चौकी बुला रही थी जिससे वह बहुत घबरा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed