शेयर में रकम डूबी तो सातवीं मंजिल से कूदा युवक, तड़पकर मौत
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यूपी विधानसभा मार्ग स्थित रतन स्क्वॉयर बिल्डिंग की सातवीं मंजिल से गुडंबा निवासी शैलेंद्र त्रिपाठी (42) ने शनिवार दोपहर छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। मौके पर पहुंची कैसरबाग पुलिस को उसकी जेब से एक पर्ची मिली। इसमें पत्नी का नाम व मोबाइल नंबर लिखा था।
पुलिस ने पत्नी से संपर्क कर शव की शिनाख्त की। पुलिस का कहना है कि शेयर में बड़ी रकम डूबने के चलते शैलेंद्र डिप्रेशन में था। फिलहाल खुदकुशी के पीछे यही कारण माना जा रहा है।
रतन स्क्वॉयर के सुरक्षा अधिकारी देवेश कुमार ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे अचानक किसी के गिरने की आवाज सुनकर लोग दौड़े। मौके पर पहुंचे तो एक युवक को खून से लथपथ पड़ा था। आनन-फानन घायल को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
देवेश ने ही कैसरबाग पुलिस को सूचना दी। पुलिस को कपड़ों की तलाशी में एक पर्ची मिली। इसमें अर्चना त्रिपाठी का नाम व एक मोबाइल नंबर लिखा था। इस नंबर पर संपर्क करने पर मृतक की पहचान गुडंबा के कल्याणपुर कमला नेहरू नगर निवासी रामप्रकाश त्रिपाठी के बेटे शैलेंद्र के रूप में हुई।
पति का शव देखते ही अर्चना हो गई बेहोश
इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही ने बताया कि पर्ची पर शैलेंद्र ने पत्नी अर्चना का नंबर लिखा था। सिविल अस्पताल पहुंची अर्चना पति का शव देखते ही बेहोश हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि शैलेंद्र मूलरूप से प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वह यहां रहकर शेयर का काम करता था। उसने काफी दिन तक बीमा पॉलिसी का भी काम किया।
पत्नी बाराबंकी के एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है। बेटा गोलू (15) हाईस्कूल का छात्र है। शेयर में रकम डूबने के चलते वह तीन महीने से सचिवालय के अधिकारी की निजी कार चला रहा था।
बेटे को खाना खिलाकर निकला था घर से
परिवारीजनों ने बताया कि अर्चना नाश्ता बनाने के बाद स्कूल चली गई थी। जबकि शैलेंद्र व गोलू घर पर ही थे। शैलेंद्र ने बेटे को खाना खिलाया और बिना कुछ बताए घर से चला गया। रतन स्क्वॉयर के सिक्योरिटी स्टाफ ने बताया कि शैलेंद्र दोपहर करीब सवा बारह बजे के करीब ऑटो से आया और सीधे बिल्डिंग के भीतर चला गया।
तलाशे जा रहे हैं इन सवालों के जवाब
सुरक्षा अधिकारी देवेश कुमार ने बताया कि रतन स्क्वॉयर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने फुटेज निकलवाई तो एक कैमरे में शैलेंद्र के गिरने की अस्पष्ट रिकॉर्डिंग मिली। फुटेज में सिर्फ कुछ गिरने जैसा ही दिख रहा है।
पुलिस ने बताया कि बिल्डिंग की लिफ्ट, सीढ़ियों व अन्य ऑफिसों में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शैलेंद्र किसी ऑफिस में गया? किससे मिला? वहां कोई अनहोनी तो नहीं हुई, जिसके चलते उसने खुदकुशी की।
इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। कुछ कैमरों की रिकॉर्डिंग के लिए पासवर्ड की जरूरत है। पासवर्ड जिसके पास है, वह व्यक्ति शनिवार को नहीं था। इन कैमरों की फुटेज बाद में निकलवाई जाएंगी।
शेयर कंपनी का ऑफिस बंद करके भागा स्टाफ
परिवारीजनों का कहना है कि शैलेंद्र अक्सर बिल्डिंग में स्थित शेयर खान व मोतीलाल ओसवाल शेयर कंपनी के ऑफिस आता था। शनिवार को ऑफिस बंद रहते हैं। जो ऑफिस खुलते भी हैं, वह दोपहर एक बजे तक बंद हो जाते हैं।
हालांकि, मोतीलाल ओसवाल कंपनी का ऑफिस खुला था। शैलेंद्र किस कंपनी के ऑफिस गया था? यह पता करने के लिए पुलिस मोतीलाल ओसवाल के रिसेप्शन काउंटर पर पहुंची तो स्टाफ घबरा गया।
पुलिस ने विजिटर्स रजिस्टर मांगा लेकिन, वह भी नहीं मिला। पुलिस के जाते ही कर्मचारी ऑफिस बंद करके भाग गए। माना जा रहा है कि शैलेंद्र इसी कंपनी के ऑफिस में गया था, जहां कुछ बातचीत होने के बाद उसने खुदकुशी कर ली।