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Lucknow News: 40 साल से जमीन का विवाद, किसानों को अब भी इंसाफ का इंतजार
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लखनऊ। दुबग्गा की मछली मंडी के पीछे स्थित छंदुईया गांव में जमीन और मुआवजे को लेकर किसानों व लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के बीच विवाद फिर गहरा गया। शनिवार को किसान और एलडीए के अधिकारी आमने-सामने आ गए। किसानों ने मौजूदा बाजार दरों के अनुसार जमीन का मुआवजा देने की मांग की।
किसान सईद, निहाल, नन्हके, गुलाबो, कलावती रावत, इशरत, नुसरत, फैय्याज, रईस और दुलारी समेत अन्य लोगों का आरोप है कि एलडीए पुरानी दरों के आधार पर मुआवजा देने की बात कह रहा है। किसानों का कहना है कि चार दशक में जमीन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, इसलिए उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्षों से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकला है। पिछले कुछ महीनों से भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक होती रही है।
शनिवार दोपहर बाद फिर विवाद के दौरान बुजुर्ग किसान सईद की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष सुनवाई कर उचित मुआवजा दिलाने और चार दशक पुराने विवाद का समाधान करने की मांग की है।
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किसान सईद, निहाल, नन्हके, गुलाबो, कलावती रावत, इशरत, नुसरत, फैय्याज, रईस और दुलारी समेत अन्य लोगों का आरोप है कि एलडीए पुरानी दरों के आधार पर मुआवजा देने की बात कह रहा है। किसानों का कहना है कि चार दशक में जमीन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, इसलिए उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्षों से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकला है। पिछले कुछ महीनों से भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक होती रही है।
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शनिवार दोपहर बाद फिर विवाद के दौरान बुजुर्ग किसान सईद की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष सुनवाई कर उचित मुआवजा दिलाने और चार दशक पुराने विवाद का समाधान करने की मांग की है।
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