फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   A lady doated his husband's organ and saved 5 lives.

पत्नी ने कराए ब्रेनडेड पति के अंगदान, पांच को मिली नई जिंदगी

Tue, 08 Nov 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 08 Nov 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
 A lady doated his husband's organ and saved 5 lives.
दिवाली पर पत्नी ललिता, बेटी अदिति व विष्टि के साथ महेश - फोटो : amar ujala

ब्रेनडेड पति के अंगदान का फैसला लेना किसी भी पत्नी के लिए आसान नहीं होता। इसके बावजूद रायबरेली निवासी ललिता ने परहित की खातिर अपने दुख को परे रख दिया।

विज्ञापन


अपने दिल पर पत्थर रख उन्होंने सड़क हादसे के शिकार ब्रेनडेड पति महेश प्रसाद के अंगदान का फैसला कर पांच लोगों को जीवनदान देकर मिसाल कायम की।

केजीएमयू के ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम के डॉक्टरों ने अंगदान की प्रक्रिया पूरी कराई। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लिवर दिल्ली भेजा गया, जबकि किडनी पीजीआई और कॉर्निया केजीएमयू को मिला। महेश प्रसाद के अंगों से पांच लोगों को नई जिंदगी मिली।
विज्ञापन


रायबरेली के रइयापुर निवासी महेश अवसान प्रसाद जायसवाल (42) मुंबई के मलाड में साइंस कॉलेज में कैमेस्ट्री टीचर थे। चचेरे भाई मनोज जायसवाल ने बताया कि दिवाली पर महेश पत्नी ललिता, बेटी अदिति और विष्टि के साथ 27 अक्तूबर को घर आए थे। एक नवंबर को वह सपरिवार पत्नी के ननिहाल प्रतापगढ़ गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऑटो पलटने से सिर में लगी थी चोट

 A lady doated his husband's organ and saved 5 lives.

तीन नवंबर को सास कुसुम के साथ ऑटो से कुंडा जा रहे थे। इसी बीच गढ़ी मनीकपुर के पास ऑटो पलट गया और हादसे में महेश के सिर में चोट आई। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। हालत बिगड़ती देख लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई।

चार नवंबर को तड़के चार बजे के करीब परिवारीजन उन्हें सहारा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देख वहां भर्ती नहीं किया, तो मेयो अस्पताल ले गए।

वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया और अंगदान की सलाह दी, ताकि कुछ लोगों को नई जिंदगी मिल सके। पत्नी ललिता ने कलेजा मजबूत किया और अंगदान के लिए राजी हो गईं।

फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के बाद टूटा सब्र का बांध

 A lady doated his husband's organ and saved 5 lives.

दिवाली पर सपरिवार त्यौहार मनाने आईं ललिता को क्या मालूम था कि यह पति महेश के साथ उनकी आखिरी यात्रा होगी। पति की मौत किसी सदमे से कम नहीं, फिर भी अंगदान के लिए फॉर्म पर हस्ताक्षर करते वक्त वह एकदम गंभीर दिखीं। दस्तखत करते ही उनके सब्र का बांध टूट गया और वह फूट-फूट कर रोईं।

बेटी अदिति और विष्टि को गले से लगा उन्हें फफकता देख हर किसी की आंखें नम हो उठीं। उन्हें देख पिता अवसान प्रसाद और भाई बृजेश जायसवाल के आंसू भी थम नहीं रहे थे।

जाते-जाते दूसरों के काम आने का पाठ पढ़ा गए
महेश के चचेरे भाई मनोज ने बताया कि उनकी जिंदगी का फलसफा ही यही था कि हमेशा दूसरों के काम आने के लिए तत्पर रहो। वह पढ़ाई को जीवन का आधार मानते थे। मनोज ने कहा कि जाते-जाते भी वह हमें दूसरों के काम आने की शिक्षा दे गए। वह अमर हो गए।

ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर से शताब्दी शिफ्ट किया

 A lady doated his husband's organ and saved 5 lives.

केजीएमयू के ऑर्गन ट्रासंप्लांट टीम के काउंसलर अश्विनी कुमार सिंह, पीयूष और क्षितिज शनिवार रात आठ बजे मेयो पहुंचे। परिवारीजनों को अंगदान की प्रक्रिया समझाई।

इसके बाद पौने बारह बजे के करीब  महेश प्रसाद को ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर एम्बुलेंस से शताब्दी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

ट्रांसप्लांट यूनिट के सदस्य डॉ. अभिजीत चंद्रा, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. मनमीत, डॉ. परवेज, डॉ. साकेत, डॉ. राहुल, डॉ. प्रदीप जोशी, डॉ. निखिल और डॉ. विशाल गुप्ता ने ब्रेनडेड कंफर्म हो जाने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की।

दो घंटे चला ऑपरेशन ऑर्गन डोनेशन

 A lady doated his husband's organ and saved 5 lives.
demo pic

डॉ. अभिजीत चंद्रा और डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि रविवार दोपहर करीब ढाई बजे महेश को ओटी में शिफ्ट किया गया। सबसे पहले लिवर और फिर किडनी और कॉर्निया रिट्रिवल की प्रक्रिया पूरी की गई। इस पूरी प्रक्रिया में दो घंटे लगे। परिवारीजन महेश का शव लेकर शाम करीब छह बजे प्रतापगढ़ के लिए रवाना हो गए।

डॉक्टर लिवर किडनी लेकर हुए रवाना
शाम करीब साढ़े चार बजे लिवर निकालने के बाद डॉ. अभिजीत चंद्रा, डॉ. विवेक गुप्ता और डॉ. परवेज की टीम दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के लिए रवाना हो गई जबकि किडनी यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनमीत सिंह पीजीआई के लिए लेकर रवाना हो गए। महेश प्रसाद की कॉर्निया केजीएमयू के आई बैंक चली गई। देर रात तक लिवर और किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया चलती रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed