लखनऊः ठाकुरगंज में मजदूर ने फांसी लगा दी जान, परिजनों ने शव लेने से किया इंकार
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कोरोना का खौफ इस कदर हावी है कि खुदकुशी करने वाले मजदूर का शव भी परिवारवालों ने लेने से इंकार कर दिया। मामला लखनऊ के ठाकुरगंज का है जहां 40 वर्षीय मजदूर राकेश रविदास ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
पुलिस ने किसी तरह उसके परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया तो उन्होंने शव लेने से साफ इंकार कर दिया। परिजनों ने पुलिस से क्रियाकर्म कराने की बात कहकर फोन काट दिया। अब फोन ही बंद है।
ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि कैंपबेल रोड पर कन्हईखेड़ा में राजाजीपुरम निवासी अरविंद की दुकान है। लॉकडाउन के चलते दुकान बंद थी। गुरुवार को अरविंद दुकान की सफाई करने पहुंचे तो पीछे की तरफ लोहे के एंगल से अंगौछे के सहारे राकेश रविदास का शव लटका दिखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
कन्नौज के गुरसहायगंज का रहने वाला था मजदूर
अरविंद ने बताया कि राकेश मूलरूप से कन्नौज के गुरसहायगंज का रहने वाला था और यहां उनकी दुकान के पीछे झोपड़ी में अकेला रहकर मजदूरी करता था। आशंका है कि उसने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक समस्याओं और अवसाद के चलते खुदकुशी की है।
पुलिस ने कहीं से राकेश रविदास के परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर उन्हें सूचना दी और कोरोना जांच व शव की सुपुर्दगी के लिए लखनऊ आने को कहा। इस पर परिजनों ने लखनऊ आने से साफ इंकार कर दिया।