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Lucknow News: निरीक्षण के समय ठेकेदार पर लगा एक लाख का जुर्माना, भुगतान के समय हो गया 10 हजार

Thu, 06 Aug 2026 02:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 02:17 AM IST
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A fine of one lakh rupees imposed on the contractor during inspection was reduced to 10,000 rupees at the time of payment.
नगर निगम।
लखनऊ। नगर निगम में नए तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। सफाई में लापरवाही बरतने पर एक कार्यदायी संस्था पर लगाए गए एक लाख रुपये के जुर्माने में हेराफेरी कर 10 हजार कर दिया गया। फाइल पर ओवरराइटिंग कर एक लाख के एक जीरो को मिटा दिया गया, जिससे जुर्माना 10 गुना कम हो गया। मामला पकड़ में आने के बाद अब सब हैरान हैं। यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसी तरह पहले भी और कार्यदायी संस्थाएं निगम कर्मचारियों से मिलीभगत कर करती रही होंगी। निगम में इस समय करीब 20 कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं।
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सावन मेले की तैयारियों को लेकर 24 जुलाई को अपर नगर आयुक्त डाॅ. अरविंद राव ने बुद्धेश्वर मंदिर परिसर, मोहान रोड, पिंक सिटी आदि कई इलाकों का निरीक्षण किया था। इस दौरान वी होप हाॅस्पिटल से हैदर कैनाल तक कई जगहों पर भारी कूड़ा मिला था। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था एफबी ट्रेडर्स पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस इलाके की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यदायी संस्था को 94 कर्मचारियों को लगाने का आदेश दिया गया है। इसके एवज में नगर निगम कार्यदायी संस्था को हर महीने करीब 10 लाख रुपये का भुगतान करता है। इसके बाद भी संस्था आधे कर्मचारी भी नहीं लगा रही है।
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निरीक्षण के दौरान जो जुर्माना लगाया गया था, उसकी कटौती जुलाई के बिल से होनी थी। अब जुलाई का बिल आया तो उसमें एक लाख रुपये के जुर्माने को 10 हजार रुपये कर दिया गया गया था। इसको लेकर किसी अधिकारी की संस्तुति भी नहीं थी। यह देख जुर्माना लगाने वाले अपर नगर आयुक्त हैरान हो गए। जानकारी की गई तो पता चला कि यह फर्जीवाड़ा किया गया है, जिसके बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव को नोटिस जारी किया गया है।
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जोनल सेनेटरी अधिकारी ने कहा- ठेकेदार का कर्मचारी लेकर गया था फाइल
नगर स्वास्थ्य पीके श्रीवास्तव ने बताया कि अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव की ओर से जुर्माना में फर्जीवाड़ा किए जाने की जानकारी के बाद जोन छह के जोनल सेनेटरी अधिकारी राजेश को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जोनल सेनेटरी अधिकारी ने बताया कि भुगतान के लिए फाइल कार्यदायी संस्था का कर्मचारी जफर बेग लेकर गया था। जोनल स्तर पर जुर्माने की राशि में बदलाव नहीं किया गया। फाइल की फोटो कॉपी भी जोन में उपलब्ध है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि जोनल सेनेटरी अधिकारी की रिपेार्ट से यह साफ है कि यह गड़बड़ी ठेकेदार के कर्मचारी की ओर से की गई है। ऐसे में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया गया है।

पकड़ा न जाता तो हो जाता भुगतान
मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि जुर्माने को कम करने का इस तरह का फर्जीवाड़ा नगर निगम में पहले से चला आ रहा है। जोन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय और लेखा विभाग की पूरी तिकड़ी इसमें शामिल रहती है। लाखों का जुर्माना इसी तरह हजारों में जीरो हटाकर कर दिया जाता है। यही वजह है कि जुर्माना लगने के बाद भी ठेकेदारों पर फर्क नहीं पड़ता है।
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