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Lucknow News: डॉल्फिन के कुनबे को बचाकर घाघरा में छोड़ा
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नगराम। इंदिरा नहर में बुधवार को बहकर आईं छह डॉल्फिन को वन विभाग की टीम ने बचाकर सुरक्षित घाघरा नदी में छोड़ दिया। ग्रामीणों ने विभाग को नहर में डॉल्फिन दिखने की सूचना दी थी। ग्रामीणों ने बताया कि नहर में जलस्तर कम होने से डॉल्फिन को खतरा हो सकता है। इस पर लखनऊ मंडल की अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. रेणु सिंह ने मछलियों के रेस्क्यू के निर्देश दिए थे।
इसके बाद मोहनलालगंज के उप प्रभागीय वन अधिकारी चंदन चौधरी ने सरोजनीनगर रेंज और वन सुरक्षा बल की टीमों के साथ मिलकर बुधवार को इंदिरा नहर के अचलीखेड़ा बैराज क्षेत्र में फंसी हुई इन डॉल्फिनों को घाघरा नदी बाराबंकी में पहुंचा दिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में तकनीकी सहायता व पशु-चिकित्सीय विशेषज्ञता के लिए टीएसए इंडिया की टीम की भी भूमिका रही।
पांच चरणों में चला ऑपरेशन
पांच चरणों में हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग की टीम ने सतर्कता और तकनीकी दक्षता के साथ पहले चरण में एक मादा डॉल्फिन को सुरक्षित निकाला। दूसरे चरण में एक मादा डॉल्फिन और उसके शावक को, तीसरे और चौथे चरण में एक-एक मादा डॉल्फिन का रेस्क्यू किया गया। आखिरी व पांचवें चरण में एक नवजात डॉल्फिन शावक को बचाकर घाघरा में छोड़ दिया गया।
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इसके बाद मोहनलालगंज के उप प्रभागीय वन अधिकारी चंदन चौधरी ने सरोजनीनगर रेंज और वन सुरक्षा बल की टीमों के साथ मिलकर बुधवार को इंदिरा नहर के अचलीखेड़ा बैराज क्षेत्र में फंसी हुई इन डॉल्फिनों को घाघरा नदी बाराबंकी में पहुंचा दिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में तकनीकी सहायता व पशु-चिकित्सीय विशेषज्ञता के लिए टीएसए इंडिया की टीम की भी भूमिका रही।
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पांच चरणों में चला ऑपरेशन
पांच चरणों में हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग की टीम ने सतर्कता और तकनीकी दक्षता के साथ पहले चरण में एक मादा डॉल्फिन को सुरक्षित निकाला। दूसरे चरण में एक मादा डॉल्फिन और उसके शावक को, तीसरे और चौथे चरण में एक-एक मादा डॉल्फिन का रेस्क्यू किया गया। आखिरी व पांचवें चरण में एक नवजात डॉल्फिन शावक को बचाकर घाघरा में छोड़ दिया गया।
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