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'सिर्फ हिंदुओं को है ज्यादा बच्चे पैदा करने का हक'

Fri, 26 Sep 2014 11:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Fri, 26 Sep 2014 11:15 AM IST
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a controversial statement on family planning.
नरेंद्र मोदी इस देश का भला चाहते हैं यह जनता भली प्रकार से जान चुकी है, इसलिए उसने लोकसभा चुनाव में उम्मीद से अधिक मत देकर मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया है। भारत का युवा भी मोदी से प्रभावित हुआ है।
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हिंदुओं के जनादेश की उपेक्षा न करते हुए उन्हें तुरंत राम मंदिर के निर्माण में आगे आना चाहिए। यह कहना है जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राज राजेश्वाश्रम महाराज का।
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बरेली में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में आए शंकराचार्य ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि देश के सभी राजनैतिक दलों को अब हिंदू के हितों के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।
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लव जिहाद के नए विवाद पर शंकराचार्य ने कहा कि यह एक संप्रदाय की सोची समझी रणनीति है जो आज से नहीं बल्कि अकबर के समय से चली आ रही है। लोग यह समझ चुके हैं कि भारत में लोकतंत्र है और यहां सिर गिने जाते हैं मस्तिष्क नहीं पढ़े जाते।

धर्मनिरपेक्षता निरर्थक शब्द है

a controversial statement on family planning.

शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुओं को छोड़कर अन्य संप्रदाय राजनीतिक रूप से बहुत जाग्रत है। जहां हिंदू अल्पसंख्यक हुआ वहां लोकतंत्र की दशा बांग्लादेश और पाकिस्तान की तरह हो जाएगी।

एक ओर हिंदू उदारता के कारण राजनैतिक रूप से उपेक्षित हो रहे हैं वहीं अन्य संप्रदाय राजनीतिक चातुर्य से इस देश के सभी दलों को अपने इशारे पर घुमा रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि जनसंख्या पर नियंत्रण रखने का दायित्व सबका है केवल हिंदू का नहीं। अगर हिंदू बच्चे नहीं रखना चाहते हैं तो वे बच्चे मंदिरों या मठों में दान कर दें।

धर्म को लेकर तमाम देशों में चल रही खींचतान पर उन्होंने कहा कि जहां धर्म होगा वहां युद्ध नहीं होगा। धर्म के कारण युद्ध होता है ऐसा कहने वाले भ्रामक हैं। संसार में सभी धार्मिक हैं।

जिन पंचतत्वों से मिलकर हमारा शरीर बना है जिसमें अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी और आकाश हैं वे भी अपने धर्म का पालन कर रहे हैं। जैसे अग्नि का धर्म जलाना और जल का धर्म शीतल करना है। धर्मनिरपेक्षता के बारे में उन्होंने कहा कि यह एक अव्यवहारिक और निरर्थक शब्द है।

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