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बैटरी निगल ले बच्चा तो चटाएं ये लिक्विड, केजीएमयू में शुरू हो गया इलाज
Sat, 18 May 2019 04:26 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 18 May 2019 04:26 PM IST
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डॉ संजीव वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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बच्चों के बैट्री निगलने के कारण आहार नाल के झुलसने का इलाज अब केजीएमयू में भी शुरू हो गया है। केजीएमयू के पीडियाट्रिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और पीडियाट्रिक गैस्ट्रोइंटोलॉजी के प्रभारी डॉ. संजीव वर्मा ने ऐसे बच्चों का इलाज शुरू किया है।
दो दिन पहले उन्होंने एक बच्चे की सिकुड़ी आहार नाल को इंडोस्कोप के जरिये ठीक किया है। डॉक्टर ने सिकुड़न वाले हिस्से को फैला दिया। अब बच्चा स्वस्थ है। पहले इसका इलाज सिर्फ एसजीपीजीआई में होता था। दरअसल, राजधानी निवासी इस बच्चे ने करीब आठ माह पहले बैट्री निकल लिया था।
दस्त के दौरान बैट्री निकल गई, लेकिन इसमें मौजूद केमिकल की वजह से आहार नाल सिकुड़ गई थी। इससे बच्चा कुछ खाते ही उल्टी कर दे रहा था। यहां जांच के दौरान आहार नाल सिकुड़ी पाई गई।
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दो दिन पहले उन्होंने एक बच्चे की सिकुड़ी आहार नाल को इंडोस्कोप के जरिये ठीक किया है। डॉक्टर ने सिकुड़न वाले हिस्से को फैला दिया। अब बच्चा स्वस्थ है। पहले इसका इलाज सिर्फ एसजीपीजीआई में होता था। दरअसल, राजधानी निवासी इस बच्चे ने करीब आठ माह पहले बैट्री निकल लिया था।
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दस्त के दौरान बैट्री निकल गई, लेकिन इसमें मौजूद केमिकल की वजह से आहार नाल सिकुड़ गई थी। इससे बच्चा कुछ खाते ही उल्टी कर दे रहा था। यहां जांच के दौरान आहार नाल सिकुड़ी पाई गई।
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बैट्री वाले खिलौने से दूर रखें
डेमो
- फोटो : amar ujala
उसे तत्काल शहद पिला लें और चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। देर होने पर बच्चे की आहार नली झुलस कर सिकुड़ जाती है। खेलते वक्त बच्चे पर नजर रखें। केमिकलयुक्त चीजें खेलने के लिए न दें। छोटे बच्चों को बैट्री वाले खिलौने से दूर रखें।
कैसे होता है नुकसान
छोटे बच्चे खेलते वक्त बटन साइज की बैट्री को निगल लेते हैं। अंदर जाते ही लार के संपर्क में आने पर बैट्री में लगी प्लास्टिक कोड गल जाती है और इससे उसमें मौजूद अल्काइन केमिकल निकलती है। यह केमिकल आहार नाल को झुलसा देती है। आंतरिक हिस्से की मसल्स को जला देती है और कई बार फाड़ भी देता है। इससे आहार नाल सिकुड़ जाती है।
कैसे होता है नुकसान
छोटे बच्चे खेलते वक्त बटन साइज की बैट्री को निगल लेते हैं। अंदर जाते ही लार के संपर्क में आने पर बैट्री में लगी प्लास्टिक कोड गल जाती है और इससे उसमें मौजूद अल्काइन केमिकल निकलती है। यह केमिकल आहार नाल को झुलसा देती है। आंतरिक हिस्से की मसल्स को जला देती है और कई बार फाड़ भी देता है। इससे आहार नाल सिकुड़ जाती है।