{"_id":"690fa26421317e4c9400fd9d","slug":"a-case-was-registered-against-the-je-of-the-electricity-department-for-demanding-money-by-threatening-him-lucknow-news-c-13-knp1002-1463029-2025-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बिजली विभाग के जेई को धमकी देकर रुपये मांगे, केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बिजली विभाग के जेई को धमकी देकर रुपये मांगे, केस दर्ज
Sun, 09 Nov 2025 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 09 Nov 2025 01:34 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। आशियाना क्षेत्र में बिजली विभाग के इंजीनियरों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह खुद को ठेकेदार या ग्राहक बताकर विभागीय अधिकारियों से प्रोजेक्ट के नाम पर संपर्क करता था और बाद में पैसे की मांग कर धमकाने लगता था। पीड़ित अभियंता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
अम्बेडकर विश्वविद्यालय उपखंड कार्यालय में तैनात अवर अभियंता सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 4 नवम्बर को सुबह लगभग 11.30 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने खुद को साइड डेवलपमेंट (मैक्स) प्रोजेक्ट से जुड़ा बताते हुए विद्युतीकरण के लिए प्राक्कलन तैयार करवाने की बात कही। जेई के अनुसार, जब उनसे आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी मांगी गई तो अज्ञात व्यक्तियों ने अनुमानित प्राक्कलन की धनराशि जानने पर जोर दिया। निरीक्षण के आधार पर जब उन्हें बताया गया कि प्राक्कलन लगभग तीन से चार लाख रुपये के बीच का होगा, तो उन लोगों ने क्षेत्रफल बढ़ाने की बात कहते हुए पांच लाख रुपये की राशि स्वयं देने की पेशकश की।
बाद में उन अज्ञात व्यक्तियों ने जेई सचिन श्रीवास्तव के मोबाइल नंबरों पर कॉल कर धमकियां दीं और पैसे की मांग शुरू कर दी। पीड़ित अभियंता ने बताया कि जब उन्होंने इस अवैध मांग का विरोध किया, तो गिरोह के लोगों ने ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने थाना आशियाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
बाराबंकी में भी इसी तरह का गिरोह हुआ था उजागर
जेई सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि इसी तरह का एक गिरोह बाराबंकी में भी सक्रिय रहा है, जो फर्जी साइट दिखाकर विभागीय अधिकारियों से इस्टीमेट बनवाने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करता था। उनके अनुसार, इस प्रकरण में एसडीओ योगेंद्र यादव को भी गिरोह के बार-बार फोन कर धमकाया जा रहा था।
विज्ञापन
अम्बेडकर विश्वविद्यालय उपखंड कार्यालय में तैनात अवर अभियंता सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 4 नवम्बर को सुबह लगभग 11.30 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने खुद को साइड डेवलपमेंट (मैक्स) प्रोजेक्ट से जुड़ा बताते हुए विद्युतीकरण के लिए प्राक्कलन तैयार करवाने की बात कही। जेई के अनुसार, जब उनसे आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी मांगी गई तो अज्ञात व्यक्तियों ने अनुमानित प्राक्कलन की धनराशि जानने पर जोर दिया। निरीक्षण के आधार पर जब उन्हें बताया गया कि प्राक्कलन लगभग तीन से चार लाख रुपये के बीच का होगा, तो उन लोगों ने क्षेत्रफल बढ़ाने की बात कहते हुए पांच लाख रुपये की राशि स्वयं देने की पेशकश की।
विज्ञापन
बाद में उन अज्ञात व्यक्तियों ने जेई सचिन श्रीवास्तव के मोबाइल नंबरों पर कॉल कर धमकियां दीं और पैसे की मांग शुरू कर दी। पीड़ित अभियंता ने बताया कि जब उन्होंने इस अवैध मांग का विरोध किया, तो गिरोह के लोगों ने ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने थाना आशियाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
बाराबंकी में भी इसी तरह का गिरोह हुआ था उजागर
जेई सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि इसी तरह का एक गिरोह बाराबंकी में भी सक्रिय रहा है, जो फर्जी साइट दिखाकर विभागीय अधिकारियों से इस्टीमेट बनवाने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करता था। उनके अनुसार, इस प्रकरण में एसडीओ योगेंद्र यादव को भी गिरोह के बार-बार फोन कर धमकाया जा रहा था।