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यूपी चुनाव 2022: बसपा के एक बड़े मुस्लिम नेता सपा में शामिल होने की तैयारी में, पश्चिमी यूपी के हैं दिग्गज

Tue, 19 Oct 2021 04:22 PM IST
ishwar ashish अमित मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
अमित मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 19 Oct 2021 04:22 PM IST
सार

बसपा के एक मुस्लिम नेता सपा में शामिल हो सकते हैं। इससे बसपा को पश्चिमी यूपी में बड़ा झटका लगने जा रहा है। वह बड़े पदों पर रह चुके हैं।

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A big muslim leader from West UP may join SP.
मायावती व अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

विस्तार

पश्चिमी यूपी में बसपा के एक बड़े नेता जल्द सपा का दामन थाम सकते हैं। मेरठ से सटे एक कस्बे के रहने वाले यह मुस्लिम नेता बसपा में बड़े ओहदे पर रह चुके हैं और वर्तमान में भी महत्वपूर्ण पद पर हैं। इनका सपा में जाना बसपा के लिए एक बड़ा झटका होगा।

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विधानसभा चुनाव के लिए बिछ चुकी सियासी चौसर पर शह मात का खेल तेज हो गया है। एक -दूसरे के धुरंधरों को तोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मात बसपा खा रही है। खास तौर पर बसपा के सिपहसालार सपा का दामन थाम रहे हैं। इसी बीच पश्चिमी यूपी के बसपा के इस दिग्गज ने भी सपा मुखिया अखिलेश यादव से संपर्क साधा है।
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बसपा में यह प्रदेश कार्यकारिणी में भी उच्च पद तक पहुंच चुके हैं और कई जोन के कोऑर्डिनेटर भी रहे हैं। इस समय भी वह पार्टी में महत्वपूर्ण पद पर हैं लेकिन बसपा आला कमान ने उन्हें पश्चिमी यूपी से दूर कर रखा है। चूंकि उनकी राजनीति का केंद्र पश्चिमी यूपी है, ऐसे में वहां से दूर रखने के कारण पार्टी में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं और बदलते सियासी समीकरण में वह सपा में अपना भविष्य ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। जिस तरह से बसपा में रहे लालजी वर्मा, राम अचल राजभर, कादिर राणा, आरएस कुशवाहा आदि ने सपा का दामन थामा है, इससे इस चर्चा को और बल मिल रहा है क्योंकि ये सभी इनके बेहद नजदीकी हैं।

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एक तीर से दो निशाने

इस मुस्लिम नेता को अपनी पार्टी में लाकर सपा एक तीर से दो निशाने साधेगी। दरअसल सपा के एक पूर्व मंत्री और इनकी पुरानी सियासी अदावत रही है। इनके आने से सपा पूर्व मंत्री पर भी दबाव बना सकती है क्योंकि जिस तरह से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में आपसी फूट सामने आई थी और सभी पक्षों की सपा मुखिया के सामने पेशी हुई, उसने यह साबित कर दिया था कि सपा थिंक टैंक भी विकल्पों पर विचार कर रहा है।

दो सीटों पर दावे के बाद अब उत्साह नहीं
बसपा के यह दिग्गज पश्चिमी यूपी की किठौर व गढ़ सीट पर अपना दावा कर रहे थे। उन्होंने इस क्षेत्र में टिकट चयनकर्ताओं को भी इशारा किया था कि इन सीटों पर किसी का नाम फाइनल मत करना। वहां उनके उम्मीदवार रहेंगे। चयनकर्ताओं ने भी उनका सम्मान रखा लेकिन अब इन दोनों ही सीटों पर वह कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। माना जा रहा है कि सपा मुखिया से मुलाकात के बाद ही उनका रवैया एकदम बदल सा गया है।

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