बैंक इमारत की 7वीं मंजिल से कूद कर की आत्महत्या
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हजरतगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा में तैनात स्टेनोग्राफर सुरेंदर सिंह (58) ने सोमवार दोपहर स्थानीय प्रधान कार्यालय की सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। सुरेंदर अपने इकलौते बेटे सतवंत सिंह के साथ एजूकेशन लोन की औपचारिकताएं पूरी करने प्रधान कार्यालय आए थे।
सतवंत ऑफिस में बैठकर कागजातों पर हस्ताक्षर कर रहा था तभी सुरेंदर कोई कागज कम होने की बात कहते हुए लेने के लिए वहां से चले गए। करीब दस मिनट बाद चीख-पुकार मच गई।
स्टाफ के लोगों ने बताया कि सुरेंदर इमारत की सातवीं मंजिल से दायीं तरफ पक्के फर्श पर गिर गए हैं। सूचना पाकर पहुंची हजरतगंज पुलिस व स्टाफ के लोग खून से लथपथ सुरेंदर को सिविल अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरेंदर का दो साल बाद रिटायरमेंट था। वह डिप्रेशन की बीमारी से पीड़ित थे।
सतवंत का कहना है कि उसके पिता ने आत्महत्या नहीं की। वह असंतुलित होने के चलते इमारत से गिरे हैं। उसने पुलिस को यही बात लिखकर भी दी है। इंस्पेक्टर विजयमल सिंह यादव का कहना है कि सतवंत की तरफ से सूचना दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में चल रहा था उपचार
इंस्पेक्टर ने बताया कि सुरेंदर का बीते दो साल से डिप्रेशन की बीमारी का उपचार चल रहा था। कुछ महीने तक नूर मंजिल में उपचार चला। इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने लगे।
समस्या बढ़ने पर परिवारीजन सुरेंदर को दिल्ली ले गए। कुछ महीने से उनकी दवाएं दिल्ली से ही आ रही थीं। सुरेंदर के करीबी व स्थानीय प्रधान कार्यालय में बतौर स्पेशल असिस्टेंट तैनात विपुल शर्मा ने भी सुरेंदर की बीमारी की पुष्टि की है।
अब शायद पढ़ाई के लिए अमेरिका न जा सके सतवंत
पिता की मौत के बाद शायद सतवंत पढ़ाई के लिए अमेरिका न जा सके। परिवारीजनों ने बताया कि सतवंत इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। आगे वह एमएस की पढ़ाई करने के लिए वह अमेरिका जाना चाहता था। वहां पढ़ाई का खर्च 30 से 35 लाख रुपये आ रहा था।
सुरेंदर ने उसकी पढ़ाई के लिए ही लोन का आवेदन किया था।
पुलिस का कहना है कि सतवंत की पढ़ाई पर आने वाले खर्च और इकलौते बेटे के अमेरिका जाने की वजह से सुरेंदर तनाव में हो सकते थे। सुरेंदर के घर पर सतवंत के अलावा उनकी पत्नी जगजीत कौर हैं।
बेटी सोहन की शादी हो चुकी है और वह पति के साथ मुंबई में रहती है। ऐसे हालातों में सतवंत का अमेरिका जाना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा।
बैंक अफसरों से साधी चुप्पी, स्टाफ की संवेदनाएं मरीं
सुरेंदर की मौत पर बैंक अफसर चुप्पी साधे रहे। वह कहां से गिरे, कैसे गिरे, कहीं उन्हें किसी ने धक्का तो नहीं दिया?
मीडियाकर्मियों के ऐसे तमाम सवालों का जवाब देना तो दूर अफसरों ने मिलने तक से इन्कार कर दिया। सिक्योरिटी प्रभारी ने मीडिया कर्मियों को बैंक की इमारत में प्रवेश करने और घटनास्थल देखने से रोक दिया।
उधर, इमारत के पास पार्किंग में खड़े स्टाफ के कुछ लोग सुरेंदर की मौत पर अभद्र टिप्पणी करते रहे। कुछ लोगों ने हंसते हुए उसकी मौत का मजाक भी बनाया।
बीस मिनट में हो गया पोस्टमार्टम
सुरेंदर के शव का पोस्टमार्टम बीस मिनट में हो गया। पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे सिविल से उनका शव मर्च्युरी भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब साढे़ पांच बजे शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया।