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हैरान करने वाला खुलासा: पुणे की 12 साल की बच्ची ने भेजा था धमकी भरा ई-मेल, ऑनलाइन गेमिंग में मिला था टास्क
Fri, 24 May 2024 10:59 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 24 May 2024 10:59 AM IST
सार
बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। बच्ची को ऑनलाइन गेमिंग में टास्क मिला था। बच्ची और उसके परिजनों को पुलिस ने हिदायत दी है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी का ई-मेल पुणे की 12 साल की एक बच्ची ने किया था। ऑनलाइन गेमिंग के दौरान उसे ई-मेल भेजने का टास्क मिला था। एटीएस और पुलिस की टीम बच्ची तक पहुंची। उसके परिजनों से पूछताछ की। जांच में किसी तरह की साजिश के सुबूत नहीं मिले। लिहाजा परिजनों को हिदायत दी गई कि वे ध्यान दें कि उनकी बेटी दोबारा इस तरह की गलती न करे। परिवारवालों ने लिखित में माफी भी मांगी। केस की तफ्तीश जारी रहेगी।
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सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल प्रशासन को नौ मई की रात 11:21 बजे everybody.1154@gmail.com आईडी से धमकी भरा ई-मेल आया था। इसमें लिखा था कि स्कूल में बम रखा है। जुलाई में विस्फोट किया जाएगा। अगर वे ऐसा नहीं चाहते हैं तो सप्ताह भर में एक करोड़ की रंगदारी दें। अगर मांग नहीं मानी गई तो स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। मामले में स्कूल के निदेशक चक्रधारी पांडेय ने 15 मई को एफआईआर दर्ज कराई थी।
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डीसीपी साउथ तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ एटीएस प्रकरण की जांच कर रही है। पड़ताल में उस आईपी एड्रेस का पता किया गया, जिससे ई-मेल भेजा गया। इसकी मदद से टीम ई-मेल करने वाली बच्ची तक पहुंची। उसके परिजनों से पूछताछ की गई। मोबाइल से लेकर सभी के सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक खाते आदि खंगाले गए। इसमें संदिग्धता न मिलने पर हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
अब टास्क देने वाला निशाने पर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बच्ची पी-5 व पी-7 गेमिंग आईडी से डी कोड चैटिंग एप से जुड़ी थी। इस एप पर ग्रुप बने हैं, जिनमें विदेश के लोग भी जुड़े हैं। ये आपस में ऑनलाइन बातचीत करते थे। खेल के दौरान तरह-तरह के टास्क दिए जाते हैं, जिसे पूरा करने पर पॉइंट मिलते हैं। बच्ची को उसी ग्रुप में से किसी ने इस ई-मेल को स्कूल की आईडी पर भेजने का टास्क दिया। उसने बिना कुछ सोचे समझे ई-मेल कर दिया। ऐसा बच्ची ने पुलिस को बताया। डीसीपी के मुताबिक पता किया जा रहा है कि ई-मेल भेजने का टास्क किसने दिया। कुछ डाटा मिला है, जिससे अलग-अलग आईपी एड्रेस पता किए जा रहे हैं।
यूपी के एक किशोर का भी कनेक्शन
तहकीकात में यूपी के 13 साल के किशोर का भी नाम सामने आया है। जांच एजेंसी उस तक पहुंच चुकी हैं। पूछताछ के बाद उसकी गेमिंग आईडी आदि की जांच में तीसरे लड़के का नाम सामने आया है। जांच एजेंसी अब उस तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक पुणे की बच्ची व यूपी का किशोर कारोबारी व अफसर के बच्चे हैं। पुलिस ने इस बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
सतर्क रहें, कहीं जान पर न बन आए
प्रकरण की जांच में सामने आए तथ्य हैरान करने वाले हैं। पुलिस ने अपील की है कि लोग अपने बच्चों पर नजर रखें कि वे कौन से गेम खेल रहे हैं या सोशल साइट्स पर उनकी क्या गतिविधियां हैं। पहले भी ऑनलाइन गेमिंग में ऐसे टास्क दिए गए हैं, जिससे लोगों की जान तक गई। अगर इस तरह के गेम न खेलें। टास्क पूरा करने के फेर में न फंसें।