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एलडीए परेशान क्या करे अवैध कालोनियों का
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 31 Jul 2013 09:45 AM IST
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लखनऊ विकास प्राधिकरण अधिकारियों की ढिलाई के कारण बोझ बन रहीं अवैध कालोनियों से परेशान नगर निगम अब एलडीए कॉलोनियों को रखरखाव केलिए टेक ओवर करने पर सख्त हो गया है।
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नगर निगम अब एलडीए की किसी कॉलोनी का टेक ओवर तभी करेगा जब उसके आसपास की निजी कॉलोनियों को भी एलडीए वैध करेगा। इसको लेकर नगर निगम प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे नगर निगम सदन की बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
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यदि प्रस्ताव को सदन में मंजूरी मिली तो इस नई व्यवस्था से एलडीए की जानकीपुरम विस्तार के कई सेक्टरों, गोमती नगर विस्तार व कानपुर रोड योजना की कॉलोनियों का हैंड ओवर लटक सकता है।
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ले आउट भी नहीं कराया पास
शहर में इस समय 241 अवैध कालोनियां हैं। निजी आवासीय समितियों व प्रापर्टी डीलरों द्वारा की गई प्लॉटिंग से बसी बसाई गई हैं। इन लोगों ने कॉलोनी बसाने से पहले उसका ले-आउट भी पास नहीं कराया और न ही एलडीए ने ही इन पर शिकंजा कसा।
अनियोजित तरीके से बसी इन कॉलोनियों में विकास को लेकर अब यहां के पार्षद व निवासी विकास कार्यों को लेकर नगर निगम पर दबाव भी बनाते हैं। ऐसे में आर्थिक तंगी से गुजर रहे नगर निगम प्रशासन की मुश्किल और बढ़ रही है।
इसको लेकर ही निगम प्रशासन अब एलडीए पर शिकंजा कसने के लिए सदन में प्रस्ताव ला रहा है। प्रस्ताव के तहत टेक ओवर के प्रावधान सख्त किए जाएंगे।
नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह का कहना है कि बिल्डिंग रेग्युलेशन एक्ट का अधिकार एलडीए के पास है। जो प्रापर्टी डीलर बिना विकास कार्य कराए प्लॉटिंग कर रहे हैं या कॉलोनी बसा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार एलडीए को है।
बेवजह बढ़ रहा है भार
बिना ले आउट पास कराए कॉलोनी विकासित नहीं की जा सकती। उसके बाद भी शहर में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां बढ़ रही हैं, जिसका भार नगर निगम पर पड़ रहा है।
जबकि कॉलोनियां बसाने वाले जनसुविधाओं का विकास करें, यह देखना एलडीए की जिम्मेदारी है। इसके एवज में ही एलडीए मानचित्र पास करने पर विकास शुल्क भी वसूल करता है।