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सात गोशालाओं का निर्माण शुरू, छुट्टा जानवरों से मिलेगी निजात
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सात गोशालाओं का निर्माण शुरू, छुट्टा जानवरों से मिलेगी निजात
सीतापुर। देर से सही मगर प्रशासन दुरुस्त आया। अब शहरी व ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर जल्द ही छुट्टा जानवर घूमते नजर नहीं आएंगे। अगर ये जानवर सड़कों पर टहलते पाए गए तो कांजी हाउस में बंद कर दिए जाएंगे।
शासन की पहल पर सीतापुर जिले की 15 ग्राम पंचायतों में गोशाला निर्माण होगा। इन पर तीन करोड़ 64 लाख 39 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। चयनित 15 में से सात गोशाला का निर्माण शुरू हो गया है।
छुट्टा पशु लोगों के जी का जंजाल बने हैं। किसानों की फसल को नुकसान हो रहा है। गोवंशीय जानवरों के झुंड जिस खेत में पहुुंच जाते हैं, उसकी फसल चट कर लेते हैं। इससे किसानों में दिनोंदिन सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। गुस्साए किसान जानवरों को सरकारी भवनों में कैद कर देते हैं।
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इससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए छुट्टा पशुओं को एक स्थान पर रखने के लिए मनरेगा से कार्य किया जाना है। इसके लिए जिले की 15 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायतों में गोशाला निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।
40.095 हेक्टेअर क्षेत्रफल का चयन किया गया है। चिह्नित स्थानों पर गोशाला बनाने के लिए तीन करोड़ 64 लाख 39 हजार रुपये खर्च होंगे। 15 में से सात गोशाला के निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
विभागीय जानकारों की मानें तो बिसवां ब्लॉक की शिवथाना, महमूदाबाद की सिहारूखेड़ा, महोली की पैलाकीसा, पहला की संसारपुर, रामपुर मथुरा की चंदनपुर, सकरन की सकरन खुर्द एवं सिधौली ब्लॉक की कसावा ग्राम पंचायत में गोशाला बनने लगी हैं।
डीसी मनरेगा सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 15 गोशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। चयनित ग्राम पंचायतों में से सात में गोशाला निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष में भी निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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सीतापुर। देर से सही मगर प्रशासन दुरुस्त आया। अब शहरी व ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर जल्द ही छुट्टा जानवर घूमते नजर नहीं आएंगे। अगर ये जानवर सड़कों पर टहलते पाए गए तो कांजी हाउस में बंद कर दिए जाएंगे।
शासन की पहल पर सीतापुर जिले की 15 ग्राम पंचायतों में गोशाला निर्माण होगा। इन पर तीन करोड़ 64 लाख 39 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। चयनित 15 में से सात गोशाला का निर्माण शुरू हो गया है।
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छुट्टा पशु लोगों के जी का जंजाल बने हैं। किसानों की फसल को नुकसान हो रहा है। गोवंशीय जानवरों के झुंड जिस खेत में पहुुंच जाते हैं, उसकी फसल चट कर लेते हैं। इससे किसानों में दिनोंदिन सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। गुस्साए किसान जानवरों को सरकारी भवनों में कैद कर देते हैं।
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इससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए छुट्टा पशुओं को एक स्थान पर रखने के लिए मनरेगा से कार्य किया जाना है। इसके लिए जिले की 15 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायतों में गोशाला निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।
40.095 हेक्टेअर क्षेत्रफल का चयन किया गया है। चिह्नित स्थानों पर गोशाला बनाने के लिए तीन करोड़ 64 लाख 39 हजार रुपये खर्च होंगे। 15 में से सात गोशाला के निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
विभागीय जानकारों की मानें तो बिसवां ब्लॉक की शिवथाना, महमूदाबाद की सिहारूखेड़ा, महोली की पैलाकीसा, पहला की संसारपुर, रामपुर मथुरा की चंदनपुर, सकरन की सकरन खुर्द एवं सिधौली ब्लॉक की कसावा ग्राम पंचायत में गोशाला बनने लगी हैं।
डीसी मनरेगा सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 15 गोशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। चयनित ग्राम पंचायतों में से सात में गोशाला निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष में भी निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।