{"_id":"5ad3895e4f1c1b57098b4b47","slug":"91523812702-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘महिलाओं को स्वयं करनी पड़ेगी अपनी सुरक्षा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘महिलाओं को स्वयं करनी पड़ेगी अपनी सुरक्षा’
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद। अयोध्या धाम समिति की ओर से महिला सशक्तिकरण, उत्पीड़न व उनके उत्थान के लिए सीधा संवाद कार्यक्रम दिल्ली दरवाजा स्थित राज शिशु प्ले वे स्कूल में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि केटी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या पूनम सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी पड़ेगी। इसके लिए हम सबको शिक्षित, संगठित व जाति-पांति से ऊपर उठकर लामबंद होकर संघर्ष के लिए तैयार होना पड़ेगा।
आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या मीनू कपूर ने कहा कि बच्चियों से दुष्कर्म के अपराधियों को मौत की सजा संबंधी कानून से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। मनूचा डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. जरीन नजर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, उत्पीड़न एवं उत्थान के लिए शिक्षित समाज को आगे आकर अभियान चलाना होगा। कार्यक्रम के संयोजक संजय महेंद्रा ने कहा कि सुरक्षा के लिए जब तक कड़ा कानून बनाकर लागू नहीं किया जाता है, तब तक महिला अपराध में कमी नहीं आएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. स्वदेश मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षित समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाना सीधा संवाद कराने का उद्देश्य है। संचालन सामाजिक कार्यकत्री सुचिता भल्ला डाली ने किया। इस मौके पर सुनीता चावला, पूजा सिंह, बबिता साहनी, विजेता जायसवाल, मिथलेश यादव, संतोष गर्ग, कामिनी टंडन, किरन अरोड़ा, प्रज्ञा यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या मीनू कपूर ने कहा कि बच्चियों से दुष्कर्म के अपराधियों को मौत की सजा संबंधी कानून से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। मनूचा डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. जरीन नजर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, उत्पीड़न एवं उत्थान के लिए शिक्षित समाज को आगे आकर अभियान चलाना होगा। कार्यक्रम के संयोजक संजय महेंद्रा ने कहा कि सुरक्षा के लिए जब तक कड़ा कानून बनाकर लागू नहीं किया जाता है, तब तक महिला अपराध में कमी नहीं आएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. स्वदेश मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षित समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाना सीधा संवाद कराने का उद्देश्य है। संचालन सामाजिक कार्यकत्री सुचिता भल्ला डाली ने किया। इस मौके पर सुनीता चावला, पूजा सिंह, बबिता साहनी, विजेता जायसवाल, मिथलेश यादव, संतोष गर्ग, कामिनी टंडन, किरन अरोड़ा, प्रज्ञा यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन