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वजन के हिसाब से टीबी पीड़ितों को मिलेगी दवाई
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:32 AM IST
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बाराबंकी। टीबी पीड़ितों के इलाज में दैनिक औषधि सेवन प्रणाली लागू की जाएगी। इसमें पीड़ितों को रोजाना एक गोली वजन के हिसाब से खिलाई जाएगी। पहले सात गोली पीड़ितों को खानी पड़ती थीं। इसके लिए सभी एएनएम, डॉट्स प्रोवाइडर, सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। यह सुविधा टीबी के नए पीड़ितों को मुहैया होगी।
जिले में करीब पांच हजार लोग टीबी से पीड़ित हैं, जिनका इलाज डॉट्स सेंटर से चल रहा है। इन पीड़ितों को पहले से रविवार, बुधवार व शुक्रवार को खुराक दी जा रही है। जिसमें एक पत्ते में क्रमवार सात गोलियों को खाना होता है। ऐसे में कई बार पीड़ित दवा का क्रमांक भूल जाते थे, जिससे डोज पूरा नहीं हो पाता था। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सभी दवाओं का मिश्रण (एफडीसी) फिक्स डोज कंबीनेशन कर एक गोली तैयार की गई है। यह गोली पीड़ित को उसके वजन के हिसाब से दी जाएगी और रोजाना एक गोली खानी होगी। इसके लिए पुनरीक्षित क्षयरोग कार्यक्रम के तहत दैनिक औषधि सेवन प्रणाली लागू करने के लिए सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सकों व एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है। नई दवाएं आने के बाद टीबी के नए पीड़ितों में इसका वितरण शुुरू कराया जाएगा। जिन मरीजों के इलाज के लिए दवा आवंटित हो चुकी है, उनका इलाज उन्हीं दवाओं से किया जाएगा। क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि टीबी इलाज की नई प्रणाली दवाओं के आपूर्ति होने पर लागू की जाएगी। पूरे स्टाफ को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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जिले में करीब पांच हजार लोग टीबी से पीड़ित हैं, जिनका इलाज डॉट्स सेंटर से चल रहा है। इन पीड़ितों को पहले से रविवार, बुधवार व शुक्रवार को खुराक दी जा रही है। जिसमें एक पत्ते में क्रमवार सात गोलियों को खाना होता है। ऐसे में कई बार पीड़ित दवा का क्रमांक भूल जाते थे, जिससे डोज पूरा नहीं हो पाता था। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सभी दवाओं का मिश्रण (एफडीसी) फिक्स डोज कंबीनेशन कर एक गोली तैयार की गई है। यह गोली पीड़ित को उसके वजन के हिसाब से दी जाएगी और रोजाना एक गोली खानी होगी। इसके लिए पुनरीक्षित क्षयरोग कार्यक्रम के तहत दैनिक औषधि सेवन प्रणाली लागू करने के लिए सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सकों व एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है। नई दवाएं आने के बाद टीबी के नए पीड़ितों में इसका वितरण शुुरू कराया जाएगा। जिन मरीजों के इलाज के लिए दवा आवंटित हो चुकी है, उनका इलाज उन्हीं दवाओं से किया जाएगा। क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि टीबी इलाज की नई प्रणाली दवाओं के आपूर्ति होने पर लागू की जाएगी। पूरे स्टाफ को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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