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यूपी: खांडसारी में 900 करोड़ निवेश से 40 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मंजूरी

Mon, 12 Oct 2020 12:25 PM IST
ishwar ashish राजेंद्र सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
राजेंद्र सिंह, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 12 Oct 2020 12:25 PM IST
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900 crore investment in Khandsari will create 40 thousand jobs in Uttar Pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

गन्ना विभाग ने 183 खांडसारी लाइसेंस जारी कर किसानों के साथ-साथ उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। इन इकाइयों में 900 करोड़ रुपये के निवेश से 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा है। इससे सरकार को राजस्व मिलने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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पीलीभीत के पडरी खमरिया गांव की माया देवी हों, किरतपुर बिजनौर के सचिन देव, बागपत के संजीव तुगाना, शामली के दरघापुर की अनीता सिरोही या शमशेर नगर लखीमपुर खीरी के शोहराब अली। विभाग ने ऑनलाइन आवेदन करने के 100 घंटे के भीतर ही इन्हें लाइसेंस जारी कर दिए। गन्ना व चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में एक नंबर पर है। यहां गन्ना 50 हजार करोड़ रुपये से ऊपर की नकदी फसल है और 40 जिलों में बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है। गन्ना ही नहीं, इसके सह उत्पाद भी बड़ा राजस्व देते हैं।
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प्रदेश में 119 मिलें उत्पादन का 60% भी पेराई नहीं कर पाती हैं। ऐसे में शेष गन्ना खांडसारी इकाइयों व कोल्हुओं पर जाता है। सरकारी नीतियों के चलते बड़े पैमाने पर खांडसारी इकाइयां बंद होने से किसान चीनी मिलों पर अधिक निर्भर थे, पर 2018 में सरकार ने नई नीति जारी कर कम समय में बड़ी संख्या में लाइसेंस जारी किए। बंद इकाइयों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाकर लाइसेंसों का नवीनीकरण किया। इन इकाइयों की पेराई क्षमता एक हजार से पांच हजार क्विंटल प्रतिदिन की है।

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जून 2018 से 30 सितंबर 2020 तक 183 इकाइयों को लाइसेंस दिए

गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि जून 2018 से 30 सितंबर 2020 तक 183 इकाइयों को लाइसेंस दिए गए। इन इकाइयों से रोज 46,850 टन क्रशिंग की क्षमता बढ़ी है। यह लगभग 10 चीनी मिलों के बराबर है। पेराई सत्र 2019-20 में 56 इकाइयों में पेराई शुरू हो गई है। इस साल अधिकतर इकाइयों का संचालन हो जाएगा।

खास बातें
- चीनी मिल से 7.5 किमी की दूरी पर मिल सकता है खांडसारी का लाइसेंस।
- किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
- दो से पांच करोड़ रुपये तक का निवेश है नई इकाई लगाने में।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार नई खांडसारी नीति में चीनी मिल से 7.5 किमी की दूरी पर कहीं भी खांडसारी इकाई लगाई जा सकती है। पहले यह दूरी 15 किमी थी। लाइसेंस देने की प्रक्रिया ऑनलाइन व आसान कर दी गई। इसी वजह 183 से ज्यादा लाइसेंस जारी हए। नई इकाइयों से किसानों को लाभ मिला है, ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है और ग्रामीण उद्यमी तैयार हुए हैं।

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