खुशखबरी: यूपी में 8500 प्रवक्ताओं की भर्ती जल्द
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राज्य सरकार वर्षों पुरानी राजकीय इंटर कॉलेज प्रवक्ता भर्ती नियमावली बदलने जा रही है। भर्ती का अधिकार अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लेकर उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग को देने की तैयारी है। इसके बाद जीआईसी में प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति और करीब 8500 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो जाएगा।
प्रवक्ता के कुल पदों में 50 फीसदी पद सीधी भर्ती और 50 फीसदी पदोन्नति का है। नियमावली में संशोधन न होने की वजह से विगत आठ वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
प्रदेश में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन करते हुए राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं की भर्ती का अधिकार दिया गया था। लेकिन वर्ष 2007 में तत्कालीन माया सरकार ने इसे भंग कर दिया था।
कार्मिक विभाग ने इसके आधार पर प्रवक्ताओं की भर्ती का अधिकार लोकसेवा आयोग को दे दिया, पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नियमावली में संशोधन नहीं किया। तत्कालीन माया सरकार के दबाव में लोकसेवा आयोग ने उस समय राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं की भर्तियां कर ली थीं।
लोकसेवा आयोग ने वापस किया प्रस्ताव
इसी आधार पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाल ही में जब प्रवक्ताओं की भर्ती का प्रस्ताव लोकसेवा आयोग को भेजा, तो उसने यह कहते हुए इसे वापस कर दिया कि पहले नियमावली में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्थान पर उसका नाम किया जाए। माध्यमिक शिक्षा विभाग इसके आधार पर भर्ती नियमावली में संशोधन करने जा रहा है।
खुलेगा पदोन्नति का रास्ता
राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता का 50 फीसदी पद पदोन्नति और 50 फीसदी पद सीधी भर्ती का है। एलटी शिक्षकों को पांच साल की सेवा के बाद प्रवक्ता के पदों पर पदोन्नति दी जाती है। पर नियमावली में संशोधन न होने से एलटी शिक्षकों को पदोन्नति वर्ष 2009 से नहीं मिल पा रही है।
वजह यह है कि नियमावली में संशोधन न होने से विभागीय पदोन्नति कमेटी के सदस्यों का कोरम पूरा नहीं हो पा रहा। पदोन्नति कमेटी में जब तक लोकसेवा आयोग का एक सदस्य नहीं होगा, तब तक इसकी बैठक नहीं हो सकती।
इसलिए नियमावली संशोधित होने के बाद विभागीय पदोन्नति कमेटी की बैठक बुलाकर वर्षों से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।