{"_id":"63f45817beceaa06bd057674","slug":"84-kosi-parikrama-started-in-sitapur-2023-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैमिषारण्य: डंका बजने के साथ 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ, साधु संतों और श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैमिषारण्य: डंका बजने के साथ 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ, साधु संतों और श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा
Tue, 21 Feb 2023 11:05 AM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 21 Feb 2023 11:05 AM IST
सार
सीतापुर में मंगलवार को 88 हजार ऋषि-मुनियों की तपोस्थली नैमिषारण्य से 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ हो गया। इस दौरान परिक्रमा में शामिल सभी श्रद्धालु आस्था में सराबोर नजर आए।
विज्ञापन
सीतापुर में शुरू हुई 84 कोसी परिक्रमा।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
88 हजार ऋषि-मुनियों की तपोस्थली नैमिषारण्य से मंगलवार ब्रम्ह मुहूर्त में डंका बजते ही प्रसिद्ध 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ हो गया। ढोल मंजीरे की करताल ध्वनि के बीच जय श्रीराम के उद्घोष के बीच बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी आस्था से सराबोर नजर आए। परिक्रमा पथ पर श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम अलौकिक व अविस्मरणीय छटा बिखेर रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार की ब्रम्ह बेला में नैमिषारण्य के ललिता देवी चौराहे से पहला महंत के डंका बजाते ही रामादल 84 कोसी परिक्रमा पर चल पड़ा। परिक्रमा का शुभारंभ होने पर एसडीएम मिश्रिख अनिल कुमार व अन्य अफसरों ने साधु संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की।
विज्ञापन
आस्था की डगर पर हजारों की संख्या में मौजूद भक्त सीताराम-सीताराम का जय घोष करते हुए पहले पड़ाव कोरौना की तरफ रवाना हो गए। परिक्रमा पथ पर कोई हाथी, घोड़े, पालकी व ऊंट पर सवार नजर आया तो तमाम श्रद्धालु पैदल ही भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़े चले जा रहे हैं। इस परिक्रमा में कुल 11 पड़ाव हैं।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर बाद परिक्रमा अपने पहले पड़ाव कोरौना पंहुचेगी। फाल्गुन मास की प्रतिपदा से शुरू होने वाली इस 84 कोसी परिक्रमा का समापन अंतिम पड़ाव मिश्रिख पहुंच कर पूर्णिमा को होगा। श्रद्धालुओ की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन व पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।