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पांच एजेंसियां परिषदीय स्कूलों को उपलब्ध कराएंगी किताबें
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में उनके हाथों में नई पुस्तकें होंगी। जिले के एक हजार 873 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को समय पर नई पुस्तकें उपलब्ध हो सकें, इसके लिए शासन ने पांच एजेंसियों को नामित किया है, जिसमें तीन एजेंसियां लखनऊ की हैं। इन्हें निर्देश दिया गया है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक विद्यालयों में हर हाल में पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएं। चयनित एजेंसियों की ओर से जिले को लगभग 17 लाख पुस्तकें उपलब्ध करानी हैं।
जुलाई में परिषदीय विद्यालय खुलने पर शिक्षण कार्य बाधित न हो, इसके लिए शासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। दरअसल बीते वर्ष अगस्त के अंत में परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को नई पुस्तकें उपलब्ध हो सकी थीं। इससे छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ी थीं। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए शासन ने विद्यालयों तक पुस्तकें पहुंचाने के लिए पांच एजेंसियों को नामित किया है। बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक डीपी सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर जिन पांच एजेंसियों को नामित किया गया है, उनमें लखनऊ प्रिंटिंग प्रेस लखनऊ, आस्टर प्रिंटिंग प्रेस लखनऊ, सिंघल एजेंसी, भागवत प्रिंटिंग प्रेस व पायनियर प्रिंटिंग प्रेस लखनऊ शामिल हैं। इन एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में पुस्तकें बीएसए कार्यालय को उपलब्ध करा दी जाएं, जिससे सत्यापन के बाद विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें।
बताते चलें कि जिले में कुल एक हजार 73 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 1353 प्राथमिक, जबकि 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में दो लाख चार हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वरिष्ठ लिपिक डीपी सिंह ने बताया कि इन विद्यालयों को एजेंसियों की ओर से लगभग 17 लाख पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि जो पुस्तकें विगत वर्ष चल रही थीं, वहीं पुस्तकें इस शिक्षण सत्र में भी चलेंगी।
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सत्यापन के बाद वितरित होंगी पुस्तकें
शासन स्तर पर पांच एजेंसियां नामित की गई हैं। इन्हें जुलाई के प्रथम सप्ताह तक बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया है। कार्यालय को पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद सत्यापन कर छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर विद्यालयों को भेज दिया जाएगा।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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जुलाई में परिषदीय विद्यालय खुलने पर शिक्षण कार्य बाधित न हो, इसके लिए शासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। दरअसल बीते वर्ष अगस्त के अंत में परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को नई पुस्तकें उपलब्ध हो सकी थीं। इससे छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ी थीं। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए शासन ने विद्यालयों तक पुस्तकें पहुंचाने के लिए पांच एजेंसियों को नामित किया है। बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक डीपी सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर जिन पांच एजेंसियों को नामित किया गया है, उनमें लखनऊ प्रिंटिंग प्रेस लखनऊ, आस्टर प्रिंटिंग प्रेस लखनऊ, सिंघल एजेंसी, भागवत प्रिंटिंग प्रेस व पायनियर प्रिंटिंग प्रेस लखनऊ शामिल हैं। इन एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में पुस्तकें बीएसए कार्यालय को उपलब्ध करा दी जाएं, जिससे सत्यापन के बाद विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें।
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बताते चलें कि जिले में कुल एक हजार 73 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 1353 प्राथमिक, जबकि 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में दो लाख चार हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वरिष्ठ लिपिक डीपी सिंह ने बताया कि इन विद्यालयों को एजेंसियों की ओर से लगभग 17 लाख पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि जो पुस्तकें विगत वर्ष चल रही थीं, वहीं पुस्तकें इस शिक्षण सत्र में भी चलेंगी।
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सत्यापन के बाद वितरित होंगी पुस्तकें
शासन स्तर पर पांच एजेंसियां नामित की गई हैं। इन्हें जुलाई के प्रथम सप्ताह तक बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया है। कार्यालय को पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद सत्यापन कर छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर विद्यालयों को भेज दिया जाएगा।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए