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जनकपुर से आए लोगों की छलकी आंखें
Updated Sun, 13 May 2018 12:17 AM IST
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अयोध्या। अवध-मिथिला के पौराणिक संबंधों की डोर को मजबूत करने के लिए नेपाल के जनकपुरी से निकली मैत्री बस यात्रा जब अयोध्या के राम कथा पार्क पर पहुंची तो उसमें सवार यात्रियों की आंखें खुशी से छलक उठीं, स्वागत से अभीभूत यात्रियों ने अयोध्यावासियों का आभार जताया। स्वागत के लिए उत्सुक पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं सकीं और चलती बस में ही चढ़कर लोगों का स्वागत करने लगी।
इस दौरान उन्होंने जनकपुरी की उप महापौर रीता मिश्र को गले लगा लिया और उनका कुशल क्षेम पूछा। पर्यटन मंत्री ने दोनों बसों में सवार सभी 66 यात्रियों का हाल जाना और उनका रामनगरी अयोध्या में स्वागत किया। वहीं, नेपाल से आए यात्रियों ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए इसे अपना सौभाग्य बताया।
नेपाल के जनकपुरी से आई बुजुर्ग महिलाएं सुशीला देवी, श्याम कुमारी, रामदुलारी व विमला देवी ठाकुर अश्रुपूरित नयनों से कहतीं हैं कि माता जानकी के ससुराल व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी में आकर उनका जीवन धन्य हो गया, अब उनकी इच्छा भगवान के मंदिरों की दर्शन करने की है।
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वो बतातीं हैं कि अयोध्या आने की लालसा में वो कई दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाई हैं, उनका मन व आत्मा सिर्फ भगवान राम के दर्शन को प्यासा है। स्वागत से भावुक जनकपुर के बुजुर्ग लक्ष्मण शाह कहते हैं कि अयोध्या प्रवेश करते ही सरयू नदी की शीतल हवा से शांति मिली है, उतनी शांति जीवन में शायद ही कभी भी मिली हो।
जनकपुर धाम से पधारे शिवकुमार झा, शंभू गोसाई बताते हैं कि जनकपुर के माता जानकी मंदिर में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर विभिन्न उत्सव मनाया जाता है। इसमें भगवान राम के जन्म से लेकर राम विवाह व दशहरा-दीवापली धूमधाम से मनाया जाता है। इनमें से राम विवाह का उत्सव विशेष होता है, इसमें भारत व नेपाल से लाखों लोग मंदिर में दर्शन पूजन को आते हैं।
बस यात्री सुधा झा, जयमाला झा, रेखा यादव व माधुरी बतातीं हैं कि माता सीता के ससुराल व श्रीराम की नगरी अयोध्या आकर उनका जीवन धन्य हो गया। उन्होंने इसके लिए भारत व नेपाल सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इससे अवध व मिथिला के पौराणिक संबंध मजबूत तो होंगे ही, साथ ही श्रीराम से जुड़े उत्सवों का आनंद अब दोनों देश के लोग एक साथ उठा सकेंगे।
वहीं सभा स्थल में मीडिया व स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा आगे खड़ हो जाने के वजह से पीछे बैठे लोगों को मंच पर विराजमान अतिथि नहीं दिख रहे थे। ठीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के समय एक साधु ने इसको लेकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी है। इसका आभास होते ही सुरक्षाकर्मी उसके चिल्लाने पर पुलिस बल व भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबरन उसे सभा स्थल से बाहर कर दिया।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन इससे लोगों को कही असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। शहर के मुख्य कार्यक्रम स्थल रामकथा पार्क, सरयू घाट व उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। सुरक्षा की कमान एसएसपी डा. मनोज कुमार ने स्वयं संभाल रखी थी।
अयोध्या मुख्य शहर में मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम निर्धारित नहीं होने के बावजूद भी अयोध्या प्रवेश के दोनों द्वार पर बैरीकेडिंग लगाकर चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित किया गया था। इस दौरान नयाघाट व श्रीराम अस्पताल के पास लगाए गए बैरीकेडिंग पर मजिस्ट्रेट समेत भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था।
घाट के आसपास डॉग स्कवॉयड, फायरब्रिगेड, वज्र वाहन समेत एंबुलेंस आदि को ऐहितयातन खड़ा किया गया था। वहीं, सरयू पूजन के दौरान अचानक सीएम द्वारा पैदल ही राम की पैड़ी का रुख करने पर जिला प्रशासन की सांसे फूलने लगी, इस दौरान एसएसपी, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था में लगे एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी लेकिन लोगों को इससे तकलीफ नहीं पहुंचे इसका भी ध्यान रखा जा रहा था।
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इस दौरान उन्होंने जनकपुरी की उप महापौर रीता मिश्र को गले लगा लिया और उनका कुशल क्षेम पूछा। पर्यटन मंत्री ने दोनों बसों में सवार सभी 66 यात्रियों का हाल जाना और उनका रामनगरी अयोध्या में स्वागत किया। वहीं, नेपाल से आए यात्रियों ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए इसे अपना सौभाग्य बताया।
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नेपाल के जनकपुरी से आई बुजुर्ग महिलाएं सुशीला देवी, श्याम कुमारी, रामदुलारी व विमला देवी ठाकुर अश्रुपूरित नयनों से कहतीं हैं कि माता जानकी के ससुराल व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी में आकर उनका जीवन धन्य हो गया, अब उनकी इच्छा भगवान के मंदिरों की दर्शन करने की है।
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वो बतातीं हैं कि अयोध्या आने की लालसा में वो कई दिनों से ठीक से सो भी नहीं पाई हैं, उनका मन व आत्मा सिर्फ भगवान राम के दर्शन को प्यासा है। स्वागत से भावुक जनकपुर के बुजुर्ग लक्ष्मण शाह कहते हैं कि अयोध्या प्रवेश करते ही सरयू नदी की शीतल हवा से शांति मिली है, उतनी शांति जीवन में शायद ही कभी भी मिली हो।
जनकपुर धाम से पधारे शिवकुमार झा, शंभू गोसाई बताते हैं कि जनकपुर के माता जानकी मंदिर में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर विभिन्न उत्सव मनाया जाता है। इसमें भगवान राम के जन्म से लेकर राम विवाह व दशहरा-दीवापली धूमधाम से मनाया जाता है। इनमें से राम विवाह का उत्सव विशेष होता है, इसमें भारत व नेपाल से लाखों लोग मंदिर में दर्शन पूजन को आते हैं।
बस यात्री सुधा झा, जयमाला झा, रेखा यादव व माधुरी बतातीं हैं कि माता सीता के ससुराल व श्रीराम की नगरी अयोध्या आकर उनका जीवन धन्य हो गया। उन्होंने इसके लिए भारत व नेपाल सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इससे अवध व मिथिला के पौराणिक संबंध मजबूत तो होंगे ही, साथ ही श्रीराम से जुड़े उत्सवों का आनंद अब दोनों देश के लोग एक साथ उठा सकेंगे।
वहीं सभा स्थल में मीडिया व स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा आगे खड़ हो जाने के वजह से पीछे बैठे लोगों को मंच पर विराजमान अतिथि नहीं दिख रहे थे। ठीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के समय एक साधु ने इसको लेकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी है। इसका आभास होते ही सुरक्षाकर्मी उसके चिल्लाने पर पुलिस बल व भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबरन उसे सभा स्थल से बाहर कर दिया।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन इससे लोगों को कही असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। शहर के मुख्य कार्यक्रम स्थल रामकथा पार्क, सरयू घाट व उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। सुरक्षा की कमान एसएसपी डा. मनोज कुमार ने स्वयं संभाल रखी थी।
अयोध्या मुख्य शहर में मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम निर्धारित नहीं होने के बावजूद भी अयोध्या प्रवेश के दोनों द्वार पर बैरीकेडिंग लगाकर चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित किया गया था। इस दौरान नयाघाट व श्रीराम अस्पताल के पास लगाए गए बैरीकेडिंग पर मजिस्ट्रेट समेत भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था।
घाट के आसपास डॉग स्कवॉयड, फायरब्रिगेड, वज्र वाहन समेत एंबुलेंस आदि को ऐहितयातन खड़ा किया गया था। वहीं, सरयू पूजन के दौरान अचानक सीएम द्वारा पैदल ही राम की पैड़ी का रुख करने पर जिला प्रशासन की सांसे फूलने लगी, इस दौरान एसएसपी, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था में लगे एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी लेकिन लोगों को इससे तकलीफ नहीं पहुंचे इसका भी ध्यान रखा जा रहा था।
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