शिक्षक भर्ती: वेबसाइट ने रुलाया, डेट बढ़ी
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शिक्षक भर्ती की मेरिट जानने के लिए परेशान अभ्यर्थियों को शनिवार को भी यूपी बेसिक एजूकेशन बोर्ड की वेबसाइट ने रुलाया।
काफी मशक्कत के बाद कुछेक कामयाब भी हुए तो मेरिट में गलतियों के भरमार देख उनके होश उड़ गए।
इससे नाराज अभ्यर्थी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) निदेशालय पहुंच गए। बहरहाल शाम को एससीईआरटी ने गलतियों में सुधार की तिथि आठ से बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी।
उनका कहना था कि इस सूची में गड़बड़ियों की भरमार है और संशोधन के लिए केवल तीन दिन का समय दिया गया है। इतने कम समय में न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही डाक से प्रत्यावेदन भेजा जाना संभव है।
68 लाख आएं हैं आवेदन
अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्त की अध्यक्षता में विचार हुआ। एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र वीर विक्रम सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों को त्रुटियां सुधरवाने के लिए 15 जुलाई तक संबंधित जनपद के डायट पर जाकर प्रत्यावेदन देना होगा।
प्रदेश में 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रदेश में करीब 68 लाख आवेदन आए हैं। मेरिट जैसी ही जारी की गई आधिकारिक वेबसाइट पर अप्रत्याशित तरीके से हिट बढ़ गए और वेबसाइट बैठ गई।
नाम, नंबर या किसी अन्य गड़बड़ी की सूचना डायट पर देने के बाद वेबसाइट पर उसे सुधार दिया जाएगा। अभ्यर्थी स्पीड पोस्ट से भी प्रत्यावेदन भेज सकते हैं।
कैसी-कैसी गलतियां
1- सीतापुर की रहने वाली सुनीता ने सीतापुर सहित 20 जगह के लिए आवेदन किया था। सीतापुर के लिए उन्होंने मूल ड्राफ्ट तथा बाकी स्थानों के लिए ड्राफ्ट की फोटो कॉपी भेजी थी।
बकौल सुनीता उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट वापस करने के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। इसके बावजूद उनका ड्राफ्ट वापस आ गया था। सुनीता का कहना है कि न तो सीतापुर और न ही बाकी जनपदों में उनका नाम दिखाया जा रहा है।
2- डॉ. राजीव शर्मा के टीईटी में 113 नंबर आए थे। शुक्रवार को जारी मेरिट में उनकानंबर 111 दिखाया गया। उन्होंने 30 जनपदों में भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन छह में उनका नाम ही नहीं दिख रहा है। सभी जनपद दूर-दूर के हैं। इसलिए सारे जनपदों में जाकर संशोधन करवा पाना संभव नहीं है।
कुछ गलतियां ऐसी भी
3- 41 वर्षीय राम किशोर का कहना है कि उन्होंने जब आवेदन किया था तो उनकी आयु 40 वर्ष से कम थी। अब इतने दिनों के बाद भर्ती शुरू हुई है तो उनकी उम्र 40 साल से ज्यादा हो चुकी है, जिस कारण उनका नाम मेरिट में नहीं आया है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
4- छवि मित्तल के टीईटी में 132 नंबर हैं। अच्छी मेरिट के कारण उन्होंने केवल पांच जनपदों के लिए आवेदन किया था। इसके बावजूद कहीं भी उनका नाम नहीं आया। परेशान होकर छवि मित्तल एससीईआरटी निदेशक के पास पहुंचीं, तो उन्हें डायट कार्यालय पर प्रत्यावेदन जमा करने को कहा गया।
5- कानपुर के अतुल कुमार ने बताया कि वह एटा में आवेदक हैं। वहां उनके नाम से जितने भी आवेदक हैं, सभी की जन्मतिथि एक ही आ रही है। पिता का नाम आ ही नहीं रहा है। टीईटी मेरिट जीरो दिखा रहा है।