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69 हजार शिक्षक भर्ती मामला: राज्य सरकार से एक अंक पाए अभ्यर्थियों की सूची तलब, सुनवाई अब 12 मार्च को
Thu, 22 Feb 2024 08:51 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 22 Feb 2024 08:51 AM IST
सार
69 thousand teacher recruitment case: 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में एक नया मोड़ आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से उन अभ्यर्थियों की सूची तलब की है, जिन्हें कोर्ट के आदेश पर एक अंक दिया गया।
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69000 सहायक शिक्षक भर्ती वाले अभ्यर्थी लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
69 हजार शिक्षक भर्ती के एक अंक विवाद मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से उन अभ्यर्थियों की सूची तलब की है, जिन्हें कोर्ट के आदेश पर एक अंक दिया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने अभ्यर्थी समर बहादुर सिंह की अवमानना याचिका पर दिया।
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बीते मंगलवार को सरकारी वकील ने रिट कोर्ट के आदेश के पालन करने का हलफनामा दाखिल कर कहा कि इसके तहत अभ्यर्थियों को एक अंक दे दिया गया है। इसकी सूची भी तैयार है। इस पर अवमानना याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थी के वकील ने आपत्ति की कि यह सूची अनुपालन हलफनामे के साथ दाखिल नहीं की गई है। कोर्ट ने सरकारी वकील को सूची पेश करने का आदेश देकर सुनवाई 12 मार्च को नियत की है।
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याची के अधिवक्ता अमित कुमार सिंह भदौरिया का कहना था कि राज्य के अधिकारियों ने 28 नवंबर 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष दिए आश्वासन के बावजूद अभी तक आदेश का पालन नहीं किया है। उस दिन सरकार की ओर से आदेश के तहत अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अंक देने समेत संपूर्ण प्रक्रिया दो माह में पूरी करने का आश्वासन कोर्ट को दिया गया था। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं को निस्तारित कर दिया। मगर दो महीने बाद भी आदेश का पालन न किया जाना, अदालत की अवमानना है।
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रिट कोर्ट के आदेश का किया गया पालन : सरकारी वकील
याची के वकील ने कहा कि 20 दिसंबर 2021 को शैक्षिक परिभाषा वाले प्रश्न पर रिट कोर्ट ने न्यायालय की शरण में आए अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अंक प्रदान करते हुए मेरिट के अनुसार नियुक्ति का आदेश दिया था। पर, अभी तक रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। जबकि इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज होने के बाद रिट कोर्ट का निर्णय पुष्ट हो गया है। इससे करीब 1000 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है। सरकारी वकील ने अनुपालन हलफनामा पेश कर कोर्ट को बताया कि रिट कोर्ट के आदेश का पालन कर दिया गया है।