मिड डे मिल में दूध पीकर 70 बच्चे हुए बीमार, मचा हड़कंप
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राजधानी लखनऊ के कैंट बोर्ड द्वारा संचालित तोपखाना और रजमन बाजार के दो प्राथमिक स्कूलों में बुधवार को मिड-डे मील में दूध पीकर करीब 70 बच्चों की तबीयत खराब हो गई।
उल्टी और पेटदर्द की शिकायत पर उन्हें नजदीक के कमांड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद अधिकतर बच्चों को उनके घर भेज दिया गया। एक साथ इतनी तादाद में बच्चों के बीमार होने की सूचना पर जिले की प्रशासनिक मशीनरी में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी राजशेखर ने मुख्य खाद्य निरीक्षक को दूध के सैंपल लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के तथ्यों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन स्कूलों में मिड-डे मील बांटने का कार्य अक्षयपात्र संस्था करती है।
कैंट के सदर बाजार तोपखाना स्थित प्राथमिक स्कूल में रोज की तरह चौथे पीरियड के बाद मिड-डे मील बांटा जाना था। बुधवार को फ्लेवर्ड मिल्क के पाउच दिए गए। बच्चों के मुताबिक,दूध खट्टा और बदबूदार था। इसकी शिकायत उन्होंने शिक्षिकाओं से की तो उन्होंने दूध ठीक बताया।
साथ ही हिदयत दी कि बच्चे पूरा दूध खत्म करके ही क्लास में आएं। शिक्षिकाओं के दबाव में बच्चे नाक-भौं सिकोड़ दूध पी गए। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें उल्टियां होने लगीं। कुछ बच्चे पेट में दर्द की बात कहते हुए कराहने लगे।
बच्चों को कमांड हॉस्पिटल ले जाया गया
बच्चों को बीमार होता देख स्कूल प्रबंधन ने उन्हें क्लास के बाहर जमीन पर लिटा दिया। जब 50 से ज्यादा बच्चों को एक ही तरह की दिक्कत हुई तो स्कूल से एंबुलेंस बुलाई गई।
करीब 20 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस से बच्चों को कमांड हॉस्पिटल ले जाया गया। एक के बाद एक छह एंबुलेंस से दोपहर दो बजे तक करीब 55 बच्चे अस्पताल पहुंचाए गए।
यहां अस्पताल के सीएमओ डॉ. एससी जोशी के नेतृत्व में डॉक्टरों ने बच्चों का उपचार शुरू किया। इधर मामले की जानकारी मिलते ही डिफेंस इस्टेट की प्रिंसिपल डायरेक्टर दीपा बाजवा, निदेशक टी. अलिक्युनाथन, सीईओ एनवी सत्यनारायण और एडीएम सिटी नीतू श्रीवात्सव आदि अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल लिया।
बाद में विधायक रीता बहुगुण जोशी भी अस्पताल आईं। शाम चार बजे तक अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों की संख्या 65 हो चुकी थी। इसमें तोपखाना स्कूल के अलावा रजमन बाजार (वीसी बाजार) के बच्चे भी शामिल रहे। ज्यादातर बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं कुछ बच्चों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया।
अस्पताल में भर्ती बच्चे
पहली कक्षा-- खुशी (6), तानिया (8), मुसकान (5), शबीना (11)
दूसरी कक्षा-- सबा (10), पुष्पा (12), अलीशा (9), सावेद (13)
तीसरी कक्षा-- महाविश (13)
चौथी कक्षा-- मुसकान (11), ज्योति (10), दीपक (9), स्वास्तिक दुबे (13), राहुल कुमार (14)
पांचवीं कक्षा-- अंशू सिंह (9), करन कुमार (13)
छठी कक्षा-- प्रीति कुमारी (13), तन्नू (12), अंकित (12), ईशा (10)
सातवीं कक्षा-- हनी सिंह (10), जन्नत बानो (14)
आठवीं कक्षा-- यूसुफ (14), कोमल (12)
पहली बार बंटा था दूध
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक अक्षयपात्र संस्था द्वारा यहां मिल-डे मील वितरित किया जाता है। अभी तक सब्जी-रोटी, दाल-चावल, दलिया आदि का वितरण किया जाता था। यह पहला मौका है, जब फ्लेवर्ड मिल्क बांटा गया।
बच्चों ने बताया कि दूध बदबूदार था। वहीं अस्पताल में आई शिक्षिकाओं ने बताया कि उन्होंने खुद भी दूध पिया था, मगर उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। बच्चों के मुताबिक करीब तीन माह पूर्व मिड-डे मील में कीड़े मिले थे। इसके बाद से ज्यादातर बच्चे अपने घर से ही टिफिन लेकर स्कूल आते हैं।
तुरंत नहीं बुलाया एंबुलेंस
घटिया दूध पीने के बाद एक ओर बच्चों की हालत खराब होती रही, वहीं स्कूल का स्टाफ उनका देसी ट्रीटमेंट करने में जुटा था। बच्चों ने बताया कि दर्द और उल्टी की शिकायत पर उन्हें पानी पीने को कहा गया।
शिक्षिकाओं ने यह भी कहा कि थोड़ी देर पेड़ के नीचे बैठने से दर्द और तकलीफ दूर हो जाएगी। मगर जब बच्चों की संख्या बढ़ने लगी तो उनके हाथ पांव फूल गए और एंबुलेंस को फोन किया गया।