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सरयू में समाए आठ घर

Fri, 14 Jul 2017 11:31 PM IST
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:31 PM IST
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सरयू में समाए आठ घर
बाढ़ का मंडरा रहा खतरा, जलस्तर लाल निशान से 11 सेमी. नीचे
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फैजाबाद। उफनाई सरयू/घाघरा की लहरें तटवर्ती इलाकों में तेजी से मिट्टी काट रही है। सुबह से खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर नीचे ठिठकी नदी कई घरों, आबादी और खेती की भूमि को निगल रही है।

रुदौली तहसील महंगूपुरा में छह मकान कटने के बाद कैथी मांझा में भी आठ मकान धारा में विलीन हो गए हैं। फिर भी यहां कोई अधिकारी-कर्मी पीड़ितों को राहत देने नहीं पहुंचा है। उधर, सदर तहसील के मूड़ाडीह, पिपरी व संग्राम सेवरहवा में खेती की कई बीघे भूमि नदी में समा गई।
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केंद्रीय जल बोर्ड के मुताबिक, सरयू की लहरें लाल निशान 92.73 मीटर के आसपास तीन दिन से ऊपर-नीचे हो रही हैं। गुरुवार को जलस्तर 92.61 मीटर रिकॉर्ड हुआ था, जबकि शुक्रवार की शाम चार बजे मात्र एक सेमी. की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
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जबकि गिरिजा बैराज व शारदा बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। जलस्तर ऊपर-नीचे होने से कटान में काफी तेजी आई है। शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार, चारों ओर से पानी से घिरे रुदौली तहसील क्षेत्र के कैथी माझा में कुल 71 घरों में 333 लोग बाढ़ से घिरे हैं।

गांव के 8 मकान घाघरा नदी की धारा में समा गए हैं। कैथी माझा के ग्रामीणों का कहना कि आज तक कोई भी अधिकारी गांव नही पहुँचा है। अधिकारी-कर्मी सिर्फ महगूं का पुरवा होकर चले जाते हैं।

हाल यह है कि कोई कर्मचारी चारों ओर से घिरे इस गांव में नाव से लहरों को चीरकर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। ग्रामीण रामपाल बताया कि अपनी नाव से अब पलायन कर रहे हैं, प्रशासन ने दो नाव लगवाई जो आबादी के लिए अपर्याप्त है।

कैथी माझा के ग्रामीण लल्लन ने बताया कि उसका घर नदी की धारा में बह गया है। पूरा परिवार किसी प्रकार एक छप्पर में रहता है। प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं दी है।

पूरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, सरजू की कटान से बाढ़ पीड़ित गांव मूड़ाडीह, पिपरी, संग्राम सेवरहवा में कृषि योग भूमि का कटान जारी है। किसानों की जमीन फसल सहित नदी में समा जा रही है।

तीन गांव में किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई है। मूड़ाडीहा निवासी केशव यादव, मोलई यादव, राजेंद्र यादव, रामजनम यादव ने बताया कि फसल सहित कृषि योग्य उनकी भूमि नदी में समा जा रही है।

रामजन्म यादव ने कहा कि मवेशियों का चारा सहित खेत नदी में कट गया है। मवेशियों के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। संग्राम सेवरहवा निवासी बुद्धू रामदेव ने बताया कि उनकी भी फसलें नदी में समा रही है।

नदी में बहाव तेज है इसलिए कटान जारी है। दसरत समाधि स्थल से मूड़ाडीह जाने वाला मार्ग विगत वर्ष में आई कटान से चपेट में आया था। सीसी रोड का अधिकतर भाग नदी में समा गया था।

इस बार भी बचा कुछ सीसी रोड नदी में समा जा रहा है। बाढ़ खंड के एक्सईएन जेपी यादव का कहना है कि नदी की धारा में करंट काफी तेज है। बंधे और नदी के बीच कक्षारीय इलाकों बसे लोगों को कटान झेलनी पड़ रही है।


लेकिन बंधे सुरक्षित हैं, विभाग के अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दूबे का कहना है कि बाढ़ व कटान से नुकसान को लेकर राजस्व टीमों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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