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Lucknow News: लखनऊ भेज दिए 6000 खराब सैंपल
Tue, 16 Jul 2024 02:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 16 Jul 2024 02:23 AM IST
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रायबरेली। फाइलेरिया उन्मूलन जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में जिले में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। नाइट ब्लड सर्वे में जिम्मेदारों ने ब्लड सैंपल लेकर घटिया स्लाइडें बना डाली। सर्वे के बाद 6000 खराब सैंपल (स्लाइड) जांच के लिए लखनऊ भेज दिए। राज्य मलेरिया मुख्यालय और वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार की क्रॉस जांच में मनमानी का खुलासा हुआ है।
स्लाइडों को तैयार करने में लापरवाही बरतने से फाइलेरिया की सही जांच संभव नहीं हो सकी। शासन से रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को सीएमओ ने नौ सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस देने के साथ फाइलेरिया की जांच से जुड़े 40 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया। फाइलेरिया की जांच के लिए रात में ही ब्लड का सैंपल लेकर स्लाइड तैयार की जाती है। दिन में फाइलेरिया के वायरल शरीर में सक्रिय नहीं होते।
शासन की मंशा पर जिले में पिछले मई माह में नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाकर हर ब्लॉक में फाइलेरिया जांच के लिए छह हजार लोगों के ब्लड की स्लाइडें बनाई गईं। जिलेभर में 1.14 लाख लोगों की जांच के लिए सैंपलों की स्लाइड लेकर जांच की गई। नियमानुसार जांच के लिए 10 प्रतिशत सैंपलों को राज्य मलेरिया मुख्यालय और वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार को भेजने की व्यवस्था है।
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11,400 सैंपलों की क्राॅस जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। इसमें शहर के अलावा नौ ब्लॉकों के 6000 सैंपलों में गड़बड़ी मिली है। ब्लड की स्लाइडें तैयार करने में लापरवाही बरतने के कारण सही रिपोर्ट नहीं आई। राज्य मलेरिया मुख्यालय और वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में अफरातफरी मच गई।
सोमवार को सीएमओ ने डलमऊ, डीह, अमावां, हरचंदपुर, जतुआटप्पा, खीरों, महराजगंज, नसीराबाद और सरेनी सीएचसी के अधीक्षकों के साथ ही नगर क्षेत्र में वरिष्ठ प्रयोगशाला प्रविधिज्ञ, प्रयोगशाला प्रविधिज्ञ और फाइलेरिया निरीक्षक को नोटिस दिया है। सभी ब्लॉकों के प्रयोगशाला प्रविधिज्ञ, प्रयोगशाला सहायक, बेसिक हेल्थ वर्कर और हेल्थ सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है। सीएचसी अधीक्षकों को जवाब देने के आदेश दिए गए हैं।
स्लाइड तैयार करने में बरती गई लापरवाही
राज्य स्तरीय लैब की जांच में पाया गया कि नाइट ब्लड सर्वे में ब्लड सैंपल लेकर बनाई गई स्लाइडों में स्मीयर (परत) सही नहीं थी। स्टेनिंग (स्लाइड पर ब्लड के तत्वों को अलग-अलग करना) समय से नहीं किया गया, जिससे रक्त पट्टिकाएं फिक्स्ड हो गईं। जांच में कुछ ब्लॉकों में स्लाइडों की ओवर स्टेनिंग की गई। स्लाइडें तैयार करने में लापरवाही बरतने के कारण फाइलेरिया की सही जांच नहीं हो सकी।
वर्जन...
फाइलेरिया की जांच के लिए पिछले मई माह में नाइट ब्लड सर्वे कराया गया था। 10 प्रतिशत स्लाइडों को जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। नगर के साथ नौ ब्लॉकों की स्लाइडों में खामियां मिली हैं। सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस देने के साथ संबंधित कर्मचारियों का जुलाई का वेतन रोका गया है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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स्लाइडों को तैयार करने में लापरवाही बरतने से फाइलेरिया की सही जांच संभव नहीं हो सकी। शासन से रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को सीएमओ ने नौ सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस देने के साथ फाइलेरिया की जांच से जुड़े 40 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया। फाइलेरिया की जांच के लिए रात में ही ब्लड का सैंपल लेकर स्लाइड तैयार की जाती है। दिन में फाइलेरिया के वायरल शरीर में सक्रिय नहीं होते।
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शासन की मंशा पर जिले में पिछले मई माह में नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाकर हर ब्लॉक में फाइलेरिया जांच के लिए छह हजार लोगों के ब्लड की स्लाइडें बनाई गईं। जिलेभर में 1.14 लाख लोगों की जांच के लिए सैंपलों की स्लाइड लेकर जांच की गई। नियमानुसार जांच के लिए 10 प्रतिशत सैंपलों को राज्य मलेरिया मुख्यालय और वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार को भेजने की व्यवस्था है।
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11,400 सैंपलों की क्राॅस जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। इसमें शहर के अलावा नौ ब्लॉकों के 6000 सैंपलों में गड़बड़ी मिली है। ब्लड की स्लाइडें तैयार करने में लापरवाही बरतने के कारण सही रिपोर्ट नहीं आई। राज्य मलेरिया मुख्यालय और वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में अफरातफरी मच गई।
सोमवार को सीएमओ ने डलमऊ, डीह, अमावां, हरचंदपुर, जतुआटप्पा, खीरों, महराजगंज, नसीराबाद और सरेनी सीएचसी के अधीक्षकों के साथ ही नगर क्षेत्र में वरिष्ठ प्रयोगशाला प्रविधिज्ञ, प्रयोगशाला प्रविधिज्ञ और फाइलेरिया निरीक्षक को नोटिस दिया है। सभी ब्लॉकों के प्रयोगशाला प्रविधिज्ञ, प्रयोगशाला सहायक, बेसिक हेल्थ वर्कर और हेल्थ सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है। सीएचसी अधीक्षकों को जवाब देने के आदेश दिए गए हैं।
स्लाइड तैयार करने में बरती गई लापरवाही
राज्य स्तरीय लैब की जांच में पाया गया कि नाइट ब्लड सर्वे में ब्लड सैंपल लेकर बनाई गई स्लाइडों में स्मीयर (परत) सही नहीं थी। स्टेनिंग (स्लाइड पर ब्लड के तत्वों को अलग-अलग करना) समय से नहीं किया गया, जिससे रक्त पट्टिकाएं फिक्स्ड हो गईं। जांच में कुछ ब्लॉकों में स्लाइडों की ओवर स्टेनिंग की गई। स्लाइडें तैयार करने में लापरवाही बरतने के कारण फाइलेरिया की सही जांच नहीं हो सकी।
वर्जन...
फाइलेरिया की जांच के लिए पिछले मई माह में नाइट ब्लड सर्वे कराया गया था। 10 प्रतिशत स्लाइडों को जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। नगर के साथ नौ ब्लॉकों की स्लाइडों में खामियां मिली हैं। सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस देने के साथ संबंधित कर्मचारियों का जुलाई का वेतन रोका गया है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ