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चिकित्सा संस्थानों में सिर्फ ६० फीसदी टीकाकरण
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राजधानी के 12 अस्पतालों में 1200 के बजाय सिर्फ 845 लोगों के पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को झटका लगा है। जबकि चिकित्सा संस्थानों में सिर्फ 60 फीसदी ही टीकाकरण हुआ।
एप से मेसेज नहीं जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी को फोन करके सूचित करने का दावा किया था, लेकिन कई लोगों को देर रात तक सूचना नहीं मिली।
रात में जिन्हें सूचना मिली भी वे शनिवार को टीकाकरण केंद्र पर नहीं पहुंच पाए। इसमें केजीएमयू का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। यहां सिर्फ 57 लोगों ने टीका लगवाया।
राजधानी में तीनों चिकित्सा संस्थानों को मिलाकर 180 लोगों ने टीका लगवाया है। जबकि लक्ष्य हर संस्थान में 100-100 लोगों को टीका लगना था।
इस हिसाब से तीनों संस्थानों में यह 60 फीसदी हुआ। स्वास्थ्य विभाग के पांच अस्पतालों में 362 लोगों का टीकाकरण हुआ, जो 72.40 फीसदी है। इसी तरह दो निजी मेडिकल कॉलेज सहित चार अस्पतालों में 303 लोगों ने टीकाकरण कराया, जो 75.75 फीसदी है।
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डफरिन में सर्वाधिक 81, केजीएमयू में सबसे कम 57
केजीएमूय में सबसे कम 57 लोगों ने टीकाकरण कराया है, जबकि डफरिन अस्पताल में सर्वाधिक 81 लोगों ने टीकाकरण कराया है। इसी तरह प्राइवेट अस्पतालों में मेदांता में सर्वाधिक 84 लोगों ने टीकाकरण कराया है।
मॉपअप राउंड का भरोसा
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि कई लोग टीकाकरण में नहीं पहुंच पाए हैं। इसके लिए मॉपअप राउंड किया जाएगा। यह चौथा राउंड हो सकता है। इसमें तीनों चरणों में छूटे हुए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण करने की तैयारी है।
सूची में खामी
एरा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. एमएम फरीदी ने बताया कि उनके यहां पंजीकृत 100 लोगों में तीन कॉलेज छोड़ कर दूसरी जगह जा चुके हैं। जबकि एक महिला गर्भवती थी। इससे उसे टीकाकरण में शामिल नहीं किया गया है।
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एप से मेसेज नहीं जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी को फोन करके सूचित करने का दावा किया था, लेकिन कई लोगों को देर रात तक सूचना नहीं मिली।
रात में जिन्हें सूचना मिली भी वे शनिवार को टीकाकरण केंद्र पर नहीं पहुंच पाए। इसमें केजीएमयू का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। यहां सिर्फ 57 लोगों ने टीका लगवाया।
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राजधानी में तीनों चिकित्सा संस्थानों को मिलाकर 180 लोगों ने टीका लगवाया है। जबकि लक्ष्य हर संस्थान में 100-100 लोगों को टीका लगना था।
इस हिसाब से तीनों संस्थानों में यह 60 फीसदी हुआ। स्वास्थ्य विभाग के पांच अस्पतालों में 362 लोगों का टीकाकरण हुआ, जो 72.40 फीसदी है। इसी तरह दो निजी मेडिकल कॉलेज सहित चार अस्पतालों में 303 लोगों ने टीकाकरण कराया, जो 75.75 फीसदी है।
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डफरिन में सर्वाधिक 81, केजीएमयू में सबसे कम 57
केजीएमूय में सबसे कम 57 लोगों ने टीकाकरण कराया है, जबकि डफरिन अस्पताल में सर्वाधिक 81 लोगों ने टीकाकरण कराया है। इसी तरह प्राइवेट अस्पतालों में मेदांता में सर्वाधिक 84 लोगों ने टीकाकरण कराया है।
मॉपअप राउंड का भरोसा
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि कई लोग टीकाकरण में नहीं पहुंच पाए हैं। इसके लिए मॉपअप राउंड किया जाएगा। यह चौथा राउंड हो सकता है। इसमें तीनों चरणों में छूटे हुए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण करने की तैयारी है।
सूची में खामी
एरा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. एमएम फरीदी ने बताया कि उनके यहां पंजीकृत 100 लोगों में तीन कॉलेज छोड़ कर दूसरी जगह जा चुके हैं। जबकि एक महिला गर्भवती थी। इससे उसे टीकाकरण में शामिल नहीं किया गया है।