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VIDEO: यूपी विधानसभा के अंदर मिला PETN विस्फोटक, FIR दर्ज
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 14 Jul 2017 04:19 PM IST
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यूपी विधानसभा की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। बुधवार को यहां मानसून सत्र के दौरान 60 ग्राम संदिग्ध पाउडर मिला। एफएसएल टीम ने जांच के बाद इसके विस्फोटक होने की पुष्टि की है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र के दौरान कहा कि नेता प्रतिपक्ष की सीट से तीसरी नंबर की सीट पर पुड़िया में मिला पदार्थ पीईटीएन है। ये गंभीर मामला है एनआईए को इसकी जांच करनी चाहिए। वहीं विधानसभा चीफ सुरक्षा मार्शल मनीष चंद्र ने इस मामले की तहरीर दी, एसएसपी लखनऊ ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
बता दें की पीईटीएन काफी शक्तिशाली विस्फोटक होता है। इसका प्रयोग आतंकवादी ट्रेन में धमाके के लिए करते हैं। 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके में पीईटीएन का इस्तेमाल किया गया था।
गौरतलब है कि विधानसभा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के साथ मेटल डिटेक्टर भी लगे रहते हैं। ऐसे में विस्फोटक वहां पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का नतीजा है। ये विस्फोटक नीले रंग की पॉलीथिन में रखा था।
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इस मामले की जांच एटीएस को सौंप दी गई है। बता दें कि 15 अगस्त को विधानसभा को उड़ाने की धमकी देने वाले एक संदिग्ध फरहान अहमद को देवरिया पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है।
वहीं, विधानसभा की सुरक्षा में हुई चूक पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। वहीं मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। विधानसभा की सुरक्षा पुख्ता है। सीएम ने सुरक्षा को लेकर रूटीन रिव्यू मीटिंग बुलाई है।
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बता दें की पीईटीएन काफी शक्तिशाली विस्फोटक होता है। इसका प्रयोग आतंकवादी ट्रेन में धमाके के लिए करते हैं। 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके में पीईटीएन का इस्तेमाल किया गया था।
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गौरतलब है कि विधानसभा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के साथ मेटल डिटेक्टर भी लगे रहते हैं। ऐसे में विस्फोटक वहां पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का नतीजा है। ये विस्फोटक नीले रंग की पॉलीथिन में रखा था।
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इस मामले की जांच एटीएस को सौंप दी गई है। बता दें कि 15 अगस्त को विधानसभा को उड़ाने की धमकी देने वाले एक संदिग्ध फरहान अहमद को देवरिया पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है।
वहीं, विधानसभा की सुरक्षा में हुई चूक पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। वहीं मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। विधानसभा की सुरक्षा पुख्ता है। सीएम ने सुरक्षा को लेकर रूटीन रिव्यू मीटिंग बुलाई है।
क्या है PETN
पीईटीएन
यह बेहद खतरनाक विस्फोटक है जो डेटोनेटर के साथ धमाका कर सकता है। यह गंधहीन सफेद पाउडर है जिसे डिटेक्ट करना आसान नहीं होता है। यहां तक की खोजी कुत्ते भी कई बार इसकी पहचान नहीं कर पाते।
इसका पूरा नाम पेंटाईरीथ्रीटोल ट्राईनाइट्रेट है जिसकी छोटी सी मात्रा भी खतरनाक होती है। 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट धमाके में भी इसके उपयोग की बात सामने आई थी वहीं 2009 में नॉर्थवेस्ट एयरलाइंस में भी इसकी मदद से धमाका करने की कोशिश हुई थी। इसकी 100 ग्राम मात्रा ही एक कार को उड़ाने के लिए काफी है।
भारत में कहां हुआ PETN का इस्तेमाल?
- 7 सितंबर 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट में हुए ब्लास्ट में PETN का इस्तेमाल किया गया था। इस ब्लास्ट में 17 लोग मारे गए थे और 76 लोग घायल हुए थे। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि ब्लास्ट में PETN की काफी कम मात्रा इस्तेमाल की गई थी, लेकिन उसने काफी बड़ा नुकसान किया।
PETN की जांच मुश्किल क्यों?
- दिल्ली HC ब्लास्ट के बाद तब इंटरनल सिक्युरिटी सेक्रेटरी रहे यूके बंसल ने बताया कि मौके से PETN होने के सबूत िमले।
- बंसल ने बताया कि लो मॉलीक्यूल्स होने के चलते ये मेटल डिटेक्टर में पकड़ में नहीं आता और स्निफर डॉग भी कई बार इसे नहीं पकड़ पाते हैं।
क्यों खतरनाक है PETN?
- Experts के मुताबिक सिक्युरिटी इक्विपमेंट्स की पकड़ में ना आने की वजह से PETN आतंकवादियों की पसंद है। इसकी केवल 100 ग्राम मात्रा ही एक कार को ब्लास्ट करने के लिए काफी है।
कब-कब हुआ इस्तेमाल?
2001: शू बॉम्बर के नाम से मशहूर टेररिस्ट रिचर्ड रीड ने मियामी से जाने वाले अमेरिकन एयरलाइंस जेट पर इसका इस्तेमाल किया था।
2009: अलकायदा मेंबर उमर फारुख अब्दुलमुतल्लब ने नॉर्थवेस्ट जाने वाली एक फ्लाइट में PETN के इस्तेमाल की कोशिश की,लेकिन नाकामयाब रहा। वो अपने अंडरवियर में एक्सप्लोसिव छिपाकर ले गया था और पकड़ा गया।
2010: इस साल अक्टूबर महीने में यमन से अमेरिका जाने वाले एक कार्गो प्लेन में PETN मिला था।
2011: दिल्ली हाईकोर्ट में ब्लास्ट किया गया।
इसका पूरा नाम पेंटाईरीथ्रीटोल ट्राईनाइट्रेट है जिसकी छोटी सी मात्रा भी खतरनाक होती है। 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट धमाके में भी इसके उपयोग की बात सामने आई थी वहीं 2009 में नॉर्थवेस्ट एयरलाइंस में भी इसकी मदद से धमाका करने की कोशिश हुई थी। इसकी 100 ग्राम मात्रा ही एक कार को उड़ाने के लिए काफी है।
भारत में कहां हुआ PETN का इस्तेमाल?
- 7 सितंबर 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट में हुए ब्लास्ट में PETN का इस्तेमाल किया गया था। इस ब्लास्ट में 17 लोग मारे गए थे और 76 लोग घायल हुए थे। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि ब्लास्ट में PETN की काफी कम मात्रा इस्तेमाल की गई थी, लेकिन उसने काफी बड़ा नुकसान किया।
PETN की जांच मुश्किल क्यों?
- दिल्ली HC ब्लास्ट के बाद तब इंटरनल सिक्युरिटी सेक्रेटरी रहे यूके बंसल ने बताया कि मौके से PETN होने के सबूत िमले।
- बंसल ने बताया कि लो मॉलीक्यूल्स होने के चलते ये मेटल डिटेक्टर में पकड़ में नहीं आता और स्निफर डॉग भी कई बार इसे नहीं पकड़ पाते हैं।
क्यों खतरनाक है PETN?
- Experts के मुताबिक सिक्युरिटी इक्विपमेंट्स की पकड़ में ना आने की वजह से PETN आतंकवादियों की पसंद है। इसकी केवल 100 ग्राम मात्रा ही एक कार को ब्लास्ट करने के लिए काफी है।
कब-कब हुआ इस्तेमाल?
2001: शू बॉम्बर के नाम से मशहूर टेररिस्ट रिचर्ड रीड ने मियामी से जाने वाले अमेरिकन एयरलाइंस जेट पर इसका इस्तेमाल किया था।
2009: अलकायदा मेंबर उमर फारुख अब्दुलमुतल्लब ने नॉर्थवेस्ट जाने वाली एक फ्लाइट में PETN के इस्तेमाल की कोशिश की,लेकिन नाकामयाब रहा। वो अपने अंडरवियर में एक्सप्लोसिव छिपाकर ले गया था और पकड़ा गया।
2010: इस साल अक्टूबर महीने में यमन से अमेरिका जाने वाले एक कार्गो प्लेन में PETN मिला था।
2011: दिल्ली हाईकोर्ट में ब्लास्ट किया गया।