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बेनकाब हुआ यूपी में बिजली चोरी का बड़ा धंधा
विष्णु मोहन/लखनऊ
Updated Wed, 02 Oct 2013 09:19 PM IST
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चंदौली में औद्योगिक घरानों को बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी कराए जाने के आरोप में पावर कार्पोरेशन के छह अभियंताओं समेत सात लोगों को निलंबित कर दिया गया है।
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निलंबन की कार्रवाई कार्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल के निर्देश पर प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने की।
सतर्कता शाखा द्वारा चंदौली में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से औद्योगिक घरानों को बिजली चोरी कराए जाने की शिकायत पर चेयरमैन के निर्देश पर 3 सितंबर व एक अक्टूबर को छापा मारी की गई थी।
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इसमें बिजली चोरी पकड़े जाने पर दो करोड़ 31 लाख 40 हजार रुपए का शमन शुल्क भी वसूला गया।
जिन अभियंताओं को निलंबित किया गया, उनमें अधिशाषी अभियंता सुभाष चंद्र और प्रद्युमभन त्रिपाठी, सहायक अभियंता अभिषेक सिंह व रमेश कुमार, अवर अभियंता संजय कुशवाहा और रत्नेश कुमार के अलावा लाइनमैन अशोक सिंह के नाम शामिल हैं।
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कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
जांच टीम वाराणसी के मुख्य अभियंता आरपी सिंह के नेतृत्व में जांच करेगी। टीम में अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार मित्तल और सहायक लेखाधिकारी गणेश प्रसाद शामिल किए गए हैं।
कार्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि यह टीम इस बात की जांच करेगी कि अभियंताओं ने जानबूझ कर बिजली चोरी कराई या फिर बिजली चोरी होने के प्रति वे लापरवाह रहे।
जांच टीम 15 दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी। अगर बिजली चोरी में अभियंताओं की सीधी संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई पर विचार हो सकता है।