बहराइच में खाना बनाते समय भड़की चिंगारी से 52 घर राख, पूरा गांव खंडहर में बदला, एक झुलसा
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बहराइच नौबना टेपरा गांव में बुधवार को खाना बनाते समय भड़की चिंगारी से आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे गांव में फैल गई। इससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। 52 ग्रामीणों के मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। गांव खंडहर में तब्दील हो गया। सामान निकालने के चक्कर में एक ग्रामीण झुलस गया। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। हादसे में नकदी समेत लगभग 30 लाख से अधिक के सामान का नुकसान हुआ है। एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।
मोतीपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत कोतवाली मुर्तिहा की नौबना ग्राम पंचायत कतर्निया के जंगल से सटा हुई है। नौबना के टेपरा निवासी गुरुदीन के घर की महिलाएं बुधवार दोपहर खाना बना रही थीं। इसी दौरान चिंगारी भड़क कर मकान पर जा गिरी जिससे आग लग गई। उस समय घर के पुरुष खेतों में कर रहे थे। जब तक लोग मौके पर पहुंचते आग ने अन्य मकानों को आगोश में ले लिया। देखते ही देखते गांव के कई मकान धू-धू कर जलने लगे। 52 मकान पूरी तरह राख हो गए।
ग्रामीण पंपिंग सेट व तालाब से पानी निकालकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन आग विकराल होती गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मिश्रीलाल मौर्या की सूचना पर तहसीलदार सतीश वर्मा राजस्वकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना पाते ही दमकल भी मौके पर पहुंच गया। मुर्तिहा के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार भी दलबल के साथ आ गए। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान घर से सामान निकालते समय कंधई (25) पुत्र बिंद्रा झुलस गया। उसे एंबुलेंस से सीएचसी मोतीपुर पहुंचाया गया। गांव पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गया है।
30 लाख रुपये से अधिक का हुआ नुकसान
आग लगने से पांच ग्रामीणों की 80 हजार की नकदी समेत लगभग 30 लाख से अधिक के सामान का नुकसान हुआ है। उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, कोतवाल सुबोध कुमार, लेखपाल दुर्गेशचंद्र श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। राजस्वकर्मियों की टीम रिपोर्ट तैयार करने में लगी है।
इन ग्रामीणों के जले मकान
नौबना टेपरा गांव की आबादी 1200 है जिसमें 200 मकान बने हैं। गांव निवासी श्रीराम यादव, हृदयराम यादव, दाताराम, मैनेजर, सुद्धू यादव, गुरुदीन, मुलायम, बिंद्रा प्रसाद, गुड्डू, राम, अमेरिका, सीताराम, सियाराम, दुलारे, महावीर, कल्लू, सैफू, गुरुदीन व कंधई समेत 52 ग्रामीणों के घर राख हो गए।
जंगल से सटा होने के चलते गांव में ठंड अधिक पड़ रही है लेकिन अभी तक इन ग्रामीणों को तिरपाल तक नहीं मुहैया कराया जा सका है। इससे लगभग 500 की आबादी खुले आसमान तले रहने को विवश है।