BTC: सरकार का एक और बड़ा फैसला
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उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के 52 जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने बताया कि प्रदेश में मौजूदा समय शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही है।
पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को समायोजित करते हुए सहायक अध्यापक बनाया जा चुका है, लेकिन इन्हें वेतन अभी तक नहीं मिला है।
संघ के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष जिलेवार शिक्षा मित्रों व सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित होने वालों की समस्याओं के संबंध में प्रदेश कार्यकारिणी को अवगत कराएंगे। इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
41 हजार होगी एक साल की फीस
वहीं, इसके पहले राज्य सरकार ने निजी बीटीसी कॉलेजों में फ्री और पेड सीट को समाप्त करते हुए नई फीस तय कर दी। निजी बीटीसी कॉलेजों के लिए प्रति छात्र एक साल की 41,000 रुपये फीस निर्धारित की गई है।
इतनी ही फीस एनटीटी कोर्स के लिए भी ली जाएगी। नई फीस शैक्षिक सत्र 2014-15 से ली जाएगी। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस संबंध में बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
निजी बीटीसी कॉलेजों की फीस 2009 में तय की गई थी। इसमें फ्री सीट की फीस 22,000 और पेड सीट की फीस 44,000 रुपये रखी गई।
निजी कॉलेज में अलग-अलग फीस होने से दाखिला लेने वालों को परेशानियां होती थीं। इसलिए राज्य स्तर पर एक समान फीस तय करने का निर्णय किया गया।
प्रति छात्र आता है 40,772 का खर्च
फीस खर्च के आधार पर तय की गई है। राज्य स्तर पर गठित फीस निर्धारण समिति को कॉलेज वार मिले खर्च के ब्यौरे के आधार पर पता चला है कि प्रति छात्र 40,772 रुपये खर्च सालाना आ रहा है। इसके आधार पर 41,000 रुपये सालाना फीस तय की गई है।
कॉलेज प्रबंधन छात्रों से 1000 काशनमनी ले सकेंगे और परीक्षाफल घोषित होने के दो दिन बाद अभ्यर्थियों को इसे वापस करते हुए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सूचना देनी होगी। निजी बीटीसी कॉलेजों में निर्धारित समय से फीस न देने वाले छात्र से अधिकतम 25 रुपये विलंब शुल्क लिया जा सकेगा।
कॉलेज प्रबंधन निर्धारित फीस, काशनमनी और विलंब शुल्क के अलावा कुछ भी नहीं ले सकेंगे। इससे अधिक फीस लेने पर संबंधित कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।