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जिला अस्पताल में तैयार होंगे स् त्री व बाल रोग विशेषज्ञ
Updated Mon, 07 May 2018 10:16 PM IST
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बहराइच। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार किए जाएंगे। इससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज में फायदा मिलेगा। दरअसल, प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र व गुजरात सरकार की तर्ज पर बहराइच जिला अस्पताल को कॉलेज आफ फिजीशियन एंड सर्जन (सीपीएस) का परास्नातक डिप्लोमा कोर्स शुरू करने के लिए चयनित किया है।
अब जिला अस्पताल में इलाज के साथ ही सीपीएस की पढ़ाई होगी। इसके लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की ओर से शासनादेश जारी कर दिया है। बहराइच जिला अस्पताल 201 बेड का है। इस अस्पताल में जिले के अलावा गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर व नेपाल के मरीज इलाज के लिए आते हैं।
लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से इलाज में असुविधा होती है। अब डॉक्टरों की कमी की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए महाराष्ट्र व गुजरात की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने सीपीएस कोर्स संचालित करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में प्रदेश के 15 जिले चयनित हुए हैं।
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उनमें बहराइच का जिला अस्पताल भी शामिल है। इस कोर्स के जरिये विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर की जाएगी। सीपीएस के लिए शासनादेश जारी हो चुका है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की तरफ से जारी आदेश में कहा है कि जिन जिला अस्पतालों में 150 बेड हैं, वहां डिप्लोमा कोर्स चलाया जाए।
प्रारंभिक तौर पर ज्यादा बेड वाले 15 जिला अस्पतालों का प्रथम चरण में चयन हुआ है। शासन ने इस मामले में जिला अस्पताल को पत्र भेजकर सीपीएस कोर्स संचालन का प्रस्ताव भी मांगा है।
राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिये होगा दाखिला
सीपीएस कोर्स के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की ओर स्टेट मेडिकल फेकेल्टी की अनुमति भी जिला अस्पताल ने ले ली है। दाखिला प्रक्रिया राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिये होगा।
इस तरह के कोर्स मेडिकल कॉलेजों में चलते हैं। लेकिन यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम होने के कारण प्रदेश सरकार ने सरकारी जिला अस्पतालों को डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई का केंद्र बनाने का फैसला लिया है।
इन जिलों में शुरू होगी सीपीएस की पढ़ाई
बहराइच जिला अस्पताल के साथ प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, सीतापुर, ललितपुर, अंबेडकरनगर, इटावा, शाहजहांपुर, फैजाबाद, आजमगढ़, रायबरेली, बदायूं, सहारनपुर, बस्ती समेत 15 जिलों में सीपीएस की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
एमबीबीएस पास स्टूडेंट्स को मिलेगा दाखिला
स्वास्थ्य विभाग के एमसीआई की नियमावली के मुताबिक सीपीएम कोर्स दो साल का होगा। इसमें एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। जिन विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, उन्हें फेलोशिप दी जाएगी। इसके जरिये अच्छे एनेस्थिसिया, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, अर्थोपेडिक्स और रेडियोलाजिसट तैयार किए जाएंगे।
सीपीएम कोर्स संचालित करने के लिए प्रस्ताव 2017 में शासन की डिमांड पर भेजा गया था। वहां से बहराइच जिला अस्पताल का चयन हुआ है। सीपीएस की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इस मामले में कक्षा संचालन के लिए शासन के पत्र का इंतजार है। कोर्स संचालन से डॉक्टरों की कमी दूर होगी ही, मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा।
-डॉ. अरुण कुमार पांडेय, सीएमओ
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अब जिला अस्पताल में इलाज के साथ ही सीपीएस की पढ़ाई होगी। इसके लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की ओर से शासनादेश जारी कर दिया है। बहराइच जिला अस्पताल 201 बेड का है। इस अस्पताल में जिले के अलावा गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर व नेपाल के मरीज इलाज के लिए आते हैं।
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लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से इलाज में असुविधा होती है। अब डॉक्टरों की कमी की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए महाराष्ट्र व गुजरात की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने सीपीएस कोर्स संचालित करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में प्रदेश के 15 जिले चयनित हुए हैं।
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उनमें बहराइच का जिला अस्पताल भी शामिल है। इस कोर्स के जरिये विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर की जाएगी। सीपीएस के लिए शासनादेश जारी हो चुका है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की तरफ से जारी आदेश में कहा है कि जिन जिला अस्पतालों में 150 बेड हैं, वहां डिप्लोमा कोर्स चलाया जाए।
प्रारंभिक तौर पर ज्यादा बेड वाले 15 जिला अस्पतालों का प्रथम चरण में चयन हुआ है। शासन ने इस मामले में जिला अस्पताल को पत्र भेजकर सीपीएस कोर्स संचालन का प्रस्ताव भी मांगा है।
राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिये होगा दाखिला
सीपीएस कोर्स के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की ओर स्टेट मेडिकल फेकेल्टी की अनुमति भी जिला अस्पताल ने ले ली है। दाखिला प्रक्रिया राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिये होगा।
इस तरह के कोर्स मेडिकल कॉलेजों में चलते हैं। लेकिन यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम होने के कारण प्रदेश सरकार ने सरकारी जिला अस्पतालों को डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई का केंद्र बनाने का फैसला लिया है।
इन जिलों में शुरू होगी सीपीएस की पढ़ाई
बहराइच जिला अस्पताल के साथ प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, सीतापुर, ललितपुर, अंबेडकरनगर, इटावा, शाहजहांपुर, फैजाबाद, आजमगढ़, रायबरेली, बदायूं, सहारनपुर, बस्ती समेत 15 जिलों में सीपीएस की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
एमबीबीएस पास स्टूडेंट्स को मिलेगा दाखिला
स्वास्थ्य विभाग के एमसीआई की नियमावली के मुताबिक सीपीएम कोर्स दो साल का होगा। इसमें एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। जिन विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, उन्हें फेलोशिप दी जाएगी। इसके जरिये अच्छे एनेस्थिसिया, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, अर्थोपेडिक्स और रेडियोलाजिसट तैयार किए जाएंगे।
सीपीएम कोर्स संचालित करने के लिए प्रस्ताव 2017 में शासन की डिमांड पर भेजा गया था। वहां से बहराइच जिला अस्पताल का चयन हुआ है। सीपीएस की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इस मामले में कक्षा संचालन के लिए शासन के पत्र का इंतजार है। कोर्स संचालन से डॉक्टरों की कमी दूर होगी ही, मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा।
-डॉ. अरुण कुमार पांडेय, सीएमओ