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योजना बहाली को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षा प्रेरक
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:32 AM IST
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बहराइच। कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर शुक्रवार को आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में शिक्षा प्रेरकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर सभी ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर योजना बहाली व बकाया मानदेय दिलाने की मांग की।
एसोसिएशन के संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश के एक लाख शिक्षा प्रेरक 31 दिसंबर को योजना समाप्त होने के बाद अनाथ हो गए हैं। प्रांत व केंद्र सरकार के संयुक्त तत्वाधान में चल रही योजना से प्रभावित लाखों परिवार बेरोजगार हो गए हैं। रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जिलाध्यक्ष पंकज गिरि ने कहा कि प्रांत व केंद्र के अधिकारियों ने साक्षर भारत मिशन योजना को समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में अब शिक्षा प्रेरकों के आगे संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचा हुआ है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर लखनऊ में शिक्षा प्रेरकों का विशाल धरना प्रदर्शन होगा। महिला प्रभारी अर्चना गुप्ता ने कहा कि साक्षर भारत मिशन में 60 प्रतिशत से अधिक महिला शिक्षा प्रेरक कार्य कर रहीं थीं। इसलिए महिलाओं को संघर्ष के लिए आगे आना होगा। सरकार नारी सशक्तिकरण महज दिखावा है। धरने को बलहा ब्लॉक अध्यक्ष अमान खां, मिहींपुरवा अध्यक्ष चंद्रदेव, शिवसेना जिला प्रमुख अर्जुन पंडित शिवाकांत ने भी संबोधित कर कहा कि शिक्षा प्रेरक 22 माह के बकाया मानदेय के बावजूद निरंतर कार्य कर रहे थे। लेकिन संविदा आधारित नौकरी के लिए काल बनी भाजपा सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। धरने के बाद सभी ने प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के आवास पर पंहुचकर उनके प्रतिनिधि को भी मांगपत्र सौंपा। इस मौके पर रमेश तिवारी, शाहिद खां, पवन कुमार, अश्वनी वर्मा, इलियास खां, यज्ञराम पांडेय, प्रदीप कुमार, अनीता चौहान, मीरादेवी, वंदना यादव, मिथलेश कुमार, फुलेराज यादव आदि मौजूद रहे।
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एसोसिएशन के संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश के एक लाख शिक्षा प्रेरक 31 दिसंबर को योजना समाप्त होने के बाद अनाथ हो गए हैं। प्रांत व केंद्र सरकार के संयुक्त तत्वाधान में चल रही योजना से प्रभावित लाखों परिवार बेरोजगार हो गए हैं। रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जिलाध्यक्ष पंकज गिरि ने कहा कि प्रांत व केंद्र के अधिकारियों ने साक्षर भारत मिशन योजना को समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में अब शिक्षा प्रेरकों के आगे संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचा हुआ है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर लखनऊ में शिक्षा प्रेरकों का विशाल धरना प्रदर्शन होगा। महिला प्रभारी अर्चना गुप्ता ने कहा कि साक्षर भारत मिशन में 60 प्रतिशत से अधिक महिला शिक्षा प्रेरक कार्य कर रहीं थीं। इसलिए महिलाओं को संघर्ष के लिए आगे आना होगा। सरकार नारी सशक्तिकरण महज दिखावा है। धरने को बलहा ब्लॉक अध्यक्ष अमान खां, मिहींपुरवा अध्यक्ष चंद्रदेव, शिवसेना जिला प्रमुख अर्जुन पंडित शिवाकांत ने भी संबोधित कर कहा कि शिक्षा प्रेरक 22 माह के बकाया मानदेय के बावजूद निरंतर कार्य कर रहे थे। लेकिन संविदा आधारित नौकरी के लिए काल बनी भाजपा सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। धरने के बाद सभी ने प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के आवास पर पंहुचकर उनके प्रतिनिधि को भी मांगपत्र सौंपा। इस मौके पर रमेश तिवारी, शाहिद खां, पवन कुमार, अश्वनी वर्मा, इलियास खां, यज्ञराम पांडेय, प्रदीप कुमार, अनीता चौहान, मीरादेवी, वंदना यादव, मिथलेश कुमार, फुलेराज यादव आदि मौजूद रहे।
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