{"_id":"5a2c28634f1c1bbd208b5b87","slug":"51512843363-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूखे रह जाएंगे, पर एनटीपीसी में नहीं करेंगे मजदूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूखे रह जाएंगे, पर एनटीपीसी में नहीं करेंगे मजदूरी
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहनियां (रायबरेली)। एनटीपीसी की हादसे वाली यूनिट में चोरी छिपे कराई जा रही सफाई के दौरान गिरकर घायल हुए मजदूर राम सिंह को लखनऊ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वह अपने घर लौटा आया तो परिवारीजनों ने राहत की सांस ली। शनिवार को उसने अमर उजाला से अपनी पीड़ा बयां की और साफ कहा कि भूखे रह जाएंगे, लेकिन अब एनटीपीसी में मजदूरी करने नहीं जाएंगे।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पूरे मैकूलाल मजरे पुरवारा गांव निवासी एवं एनटीपीसी में सफाई के दौरान घायल हुए मजदूर राम सिंह ने बताया कि यूनिट नंबर 6 में सफाई का काम एक सप्ताह से चल रहा था। उसके साथ चार अन्य मजदूर रामचरन, शिवराम, गोवर्धन व दयाराम भी सफाई का कार्य कर रहे थे। वह यूनिट के नवें फ्लोर पर था, तभी सफाई का काम देख रहे मुंशी चंद्रिका प्रसाद ने उसे एक लोहे की प्लेट उठाकर बाहर करने को कहा। उसे लेकर जैसे ही बाहर गया, उसका पैर फिसला और वह प्लेट के नीचे बने होल में गिर गया। नीचे गिर जाने के दौरान उसका हाथ तीसरे फ्लोर पर बनी रेलिंग में फंस गया और बेहोश हो गया। उसने बताया कि अस्पताल से वापस आने के बाद एनटीपीसी के अधिकारियों ने बुलाया और कहा कि तुम घर पर आराम करो तुम्हें मजदूरी मिलती रहेगी।
एनटीपीसी में दोबारा काम करने जाने के सवाल पर मजदूर ने कहा कि भूखे रह लेंगे, लेकिन वहां नहीं जाएंगे। उसने बताया कि वह ठेकेदार अभयराज के अंडर में काम कर रहा था। इस बाबत ठेकेदार अभय राज से बात की गई तो उन्होंने उसे अपना मजदूर मानने से इन्कार कर दिया। उसका कहना है कि उसका कोई मजदूर घायल नहीं हुआ है। घायल का कहना है कि वह विजय कंस्ट्रक्शन कंपनी का मजदूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पूरे मैकूलाल मजरे पुरवारा गांव निवासी एवं एनटीपीसी में सफाई के दौरान घायल हुए मजदूर राम सिंह ने बताया कि यूनिट नंबर 6 में सफाई का काम एक सप्ताह से चल रहा था। उसके साथ चार अन्य मजदूर रामचरन, शिवराम, गोवर्धन व दयाराम भी सफाई का कार्य कर रहे थे। वह यूनिट के नवें फ्लोर पर था, तभी सफाई का काम देख रहे मुंशी चंद्रिका प्रसाद ने उसे एक लोहे की प्लेट उठाकर बाहर करने को कहा। उसे लेकर जैसे ही बाहर गया, उसका पैर फिसला और वह प्लेट के नीचे बने होल में गिर गया। नीचे गिर जाने के दौरान उसका हाथ तीसरे फ्लोर पर बनी रेलिंग में फंस गया और बेहोश हो गया। उसने बताया कि अस्पताल से वापस आने के बाद एनटीपीसी के अधिकारियों ने बुलाया और कहा कि तुम घर पर आराम करो तुम्हें मजदूरी मिलती रहेगी।
विज्ञापन
एनटीपीसी में दोबारा काम करने जाने के सवाल पर मजदूर ने कहा कि भूखे रह लेंगे, लेकिन वहां नहीं जाएंगे। उसने बताया कि वह ठेकेदार अभयराज के अंडर में काम कर रहा था। इस बाबत ठेकेदार अभय राज से बात की गई तो उन्होंने उसे अपना मजदूर मानने से इन्कार कर दिया। उसका कहना है कि उसका कोई मजदूर घायल नहीं हुआ है। घायल का कहना है कि वह विजय कंस्ट्रक्शन कंपनी का मजदूर है।
विज्ञापन