बाराबंकी: छह राज्यों के बीच यूपी होकर सवारी ढो रही 500 डग्गामार बसें, इन्हें जब्त करना है टेढ़ा काम
परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि बिहार से दिल्ली या दिल्ली से झारखंड सवारी ले जा रही बस को जब्त करना टेढ़ा काम है। इन बसों को जब्त करने पर सवारियां बवाल करने लगती हैं। ऐसे में बस को जब्त करने के बजाय चालान करना पड़ रहा है। एक बात और अवैध रूप से चल रहीं अंतरराज्यीय बसों के अधिकतर मालिक सफेदपोश हैं। नतीजतन बस पकड़ते ही शासन से लेकर दबंगों की सिफारिश शुरू हो जाती है।
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कोरोना संकट के चलते यूपी में दिल्ली व उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों की बसों के संचालन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद यूपी से होकर छह राज्यों के बीच 500 एसी बसें चलाई जा रही हैं। प्रवर्तन दस्ते के सूत्रों का कहना है कि बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के बीच हर दिन 500 एसी स्लीपर व डबल डेकर वॉल्वो का लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से आवागमन हो रहा है।
पश्चिम बंगाल से सर्वाधिक यात्री माल्दा टाउन जिले से आवागमन करते हैं। लखनऊ में इन डग्गामार बसों को चिनहट, आलमबाग, कृष्णानगर, मानकनगर, पारा और काकोरी थानों की हर जगह हरी झंडी मिलती है।
शासन से लेकर दबंगों तक की सिफारिश
परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि बिहार से दिल्ली या दिल्ली से झारखंड सवारी ले जा रही बस को जब्त करना टेढ़ा काम है। इन बसों को जब्त करने पर सवारियां बवाल करने लगती हैं। ऐसे में बस को जब्त करने के बजाय चालान करना पड़ रहा है। एक बात और अवैध रूप से चल रहीं अंतरराज्यीय बसों के अधिकतर मालिक सफेदपोश हैं। नतीजतन बस पकड़ते ही शासन से लेकर दबंगों की सिफारिश शुरू हो जाती है।
...इसलिए बढ़ी डग्गामार बसों की संख्या
पहले रोजाना लगभग 300 डग्गामार बसों का आवागमन होता था। मगर ट्रेनों का पर्याप्त संचालन न होने के कारण इन बसों की संख्या बढ़कर 500 हो चुकी हैं। इन बसों में सफर करने वाले ज्यादातर श्रमिक और उनके परिजन ही हैं।
परिवहन विभाग लखनऊ जोन के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर निर्मल कुमार का कहना है कि बाराबंकी में हुई दुर्घटना से सबक लेकर दूसरे राज्यों की डग्गामार बसों के खिलाफ बुधवार से प्रभावी कार्रवाई शुरू किया गया है। हफ्तेभर में डग्गामार बसों के संचालन पर अंकुश दिखेगा
बाराबंकी में दुर्घटनाग्रस्त बस का 32 बार हो चुका है चालान
बाराबंकी में मंगलवार रात हादसे का शिकार हुई अवैध रूप से अंतरराज्यीय सवारियों को ढोने वाली डग्गामार बस (यूपी 22टी 7918) पर चार साल में 32 बार चालान करके जुर्माना ठोंका जा चुका है। बस मालिक अब तक सवा लाख रुपये जुर्माना भर चुका है। वर्तमान में इस बस के मालिक राजेश कुमार है। जबकि पहले भगत सिंह थे।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर लखनऊ जोन निर्मल कुमार ने बताया कि पहली बार 27 जुलाई 2017 को और अंतिम बार 4 जुलाई 2021 को अवैध रूप से सवारी ढोने पर चालान हुआ था। बस मालिक ने चार जुलाई को चालान में हुए 27,500 रुपये का जुर्माना अब तक नहीं भरा है। कुमार ने बताया कि उनके नेतृत्व में इस मामले की जांच जा रही है।