सावधानः एक सप्ताह में 500 लोग आए डायरिया की चपेट में
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लखनऊ के काकोरी में फैला डायरिया और सीएचसी पर अव्यवस्था के बीच इलाज लोगों में खौफ का पर्याय बन गया है। पिछले एक हफ्ते में डायरिया की चपेट में 500 से अधिक लोग आ गए हैं जबकि एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
एक हफ्ते बाद भी डायरिया के मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। एक व्यक्ति की मौत के बाद डर ऐसा समाया कि लोग कर्ज तक लेकर इलाज कराने लगे।
मंगलवार को काकोरी सीएचसी में छह मरीजों का इलाज जारी रहा जिसमें पायल सैनी (7),रामगुलाम (40) और धीरेंद्र (32) को नाजुक हालत में भर्ती किया गया है। जबकि दो मरीजों की हालत में सुधार होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
यहां नल से निकल रहा पानी भी बदबू दे रहा है। अब स्थिति ये है कि डायरिया की चपेट में आने वाले लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
... अब तो ई तालाब के पानी से डर लागत है
काकोरी के जयपाल (75) कहते हैं कि सीएचसी के पीछे बड़े तालाब में पूरे इलाके का गंदा पानी गिरता है। अब यही पानी पाइपलाइन की सप्लाई में आ रहा और गंदा पानी जान का दुश्मन बनता जा रहा है। जयपाल कहते हैं कि पूरा जीवन बीतने को है लेकिन ऐसी महामारी कभी नहीं देखी जहां एक साथ इतने लोग एक साथ बीमारी की चपेट में आ गए। अब तो ई तालाब के पानी से डर लागत है।
काजीगढ़ी के रहने वाली शबनम,साजिया,सूफिया और रिजवान डायरिया की चपेट में है। पिछले कई दिनों से इन सभी का इलाज सीएचसी और स्थानीय अस्पताल में चल रहा है लेकिन हालत में कोई खास सुधार नहीं है।
शबनम बताती हैं कि परिवार के सभी लोग एक साथ बीमार हुए तो हर कोई डर गया। सभी का आरोप था कि समय पर इलाज मिल जाता और व्यवस्था ठीक होती तो ऐसी स्थिति नहीं होती।सीएचसी के दवा काउंटर के पास लगे हैंडपंप के आसपास बिना सफाई किए गंदगी पर ही चूना छिड़क दिया गया है।