यूपी में होगी 500 नए अधीनस्थ न्यायलयों की स्थापना, मिलेंगी 4600 नौकरियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने सूबे में 500 नए अधीनस्थ न्यायालयों की स्थापना और इन न्यायालयों के संचालन के लिए 4600 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इनमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के 100 न्यायालय, सिविल जज सीनियर डिवीजन के 100 न्यायालय व सिविल जज जूनियर डिवीजन के 300 न्यायालयों की स्थापना होगी।
इन न्यायालयों के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के 100-100 न्यायालयों के लिए प्रति न्यायालय 11-11 पद सृजित किए गए हैं। इस तरह इन न्यायालयों के गठन होने पर 2200 नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।
इसी तरह सिविल जज जूनियर डिवीजन के 300 न्यायालयों के लिए प्रति न्यायालय 8 पद के हिसाब से 2400 सृजित किए गए हैं।
ये पद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले साल फरवरी तक के लिए सृजित किए गए हैं।
इन न्यायालयों में कार्यरत पदधारकों को शासन की ओर से समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य भत्ते भी मिलेंगे। प्रमुख सचिव न्याय रंगनाथ पांडेय ने नए न्यायालयों की स्थापना व पदों के सृजन का शासनादेश जारी कर सूचना इलाहाबाद उच्च न्यायालय व केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय को भेज दिया है।
किस स्तर के कितने पद
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश--100
सिविल जज सीनियर डिवीजन--100
सिविल जज जूनियर डिवीजन--300
आशुलिपिक ग्रेड-1--100
स्टेनोग्राफर ग्रेड-2--100
स्टेनोग्राफर ग्रेड-3--300
मुंसरिम रीडर--200
मुंसरिम--400
रीडर--400
सीनियर असिस्टेंट--1200
जूनियर असिस्टेंट--200
अर्दली--700
दफ्तरी--200
प्यून--300
कुल--4600