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Lucknow News: बचाई जा सकती है 50 प्रतिशत घायलों और 40 प्रतिशत स्ट्रोक पीड़ितों की जान

Sat, 12 Apr 2025 02:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Apr 2025 02:03 AM IST
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50 percent of injured and 40 percent of stroke victims can be saved
लखनऊ। सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर, ट्रॉमा एंड इमजरेंसी मेडिसिन (सेक्टम) के अध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र गुप्ता के मुताबिक, सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले 50 फीसदी और स्ट्रोक से प्रभावित 40 फीसदी मरीजों की जान सही समय पर इलाज देकर बचाई जा सकती है। डॉ. लोकेंद्र गुप्ता शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
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डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने बताया कि देश में हर साल डेढ़ लाख मौतें सड़क दुर्घटना की वजह से होती हैं। इनमें से 50 फीसदी की जान सही समय पर इलाज देकर बचाई जा सकती है। घायलों को सबसे पहले प्राथमिक इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में ले जाना चाहिए। गर्दन व कमर को संभाल कर उठाने की जरूरत है। साफ कपड़े से घायल के मुंह के भीतर जमा गंदगी साफ करनी चाहिए। इससे उसकी जान बचाने में आसानी होगी।
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उन्होंने बताया कि इसी तरह देश में हर साल 18 लाख से अधिक लोग स्ट्रोक के शिकार हो रहे हैं। शुरुआती तीन से चार घंटे में मरीज को इलाज देकर मृत्युदर 40 फीसदी तक कम की जा सकती है।
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आयोजन के सह अध्यक्ष और लोहिया संस्थान में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिव शंकर त्रिपाठी ने कहा कि जागरूकता से ही काफी लोगों की जान बचाई जा सकती है। समय पर इलाज देने के साथ ही मरीज और घायल को सही तरीके से अस्पताल पहुंचाना भी जरूरी है। ऐसा करने से भी मरीज और घायल की जान बचाना आसान हो जाता है। इसके लिए सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टरों को प्रशिक्षण देना चाहिए। इस मौके पर डॉ. एसएस नाथ, डॉ. उत्सव आनंद मणि, डॉ. शुभांकर पॉल मौजूद रहे।
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